Atmanand School : गौरी शंकर गुप्ता / घरघोड़ा। पीएम श्री स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय घरघोड़ा एक बार फिर विवादों में घिर गया है। पहले भी शिक्षण व्यवस्था, समय पर कक्षा संचालन न होने और शिक्षकों की अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठते रहे हैं, वहीं अब विद्यालय की अंग्रेजी व्याख्याता मीना नायक पर एक छात्र द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।
छात्र ने लगाए मानसिक प्रताड़ना और अनुचित व्यवहार के आरोप
प्राचार्य को दी गई लिखित शिकायत में छात्र ने आरोप लगाया कि—
• शिक्षिका कक्षा में लगातार अपमानजनक भाषा का उपयोग करती हैं।
• शैक्षणिक प्रदर्शन पर असोभनीय टिप्पणी करती हैं।
• कक्षा के दौरान अनुचित एवं दुर्व्यवहारपूर्ण व्यवहार करती हैं।
शिकायत के अनुसार, शिक्षिका के कठोर रवैये से छात्र मानसिक दबाव में है और विद्यालय आने में भय महसूस कर रहा है। छात्र की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसका नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है।
Atmanand School : कारण बताओ नोटिस में कई गंभीर बातें उजागर
सूत्रों के अनुसार, प्राचार्य द्वारा शिक्षिका को जारी कारण बताओ नोटिस में उल्लेख है कि—
• शिक्षिका का व्यवहार लंबे समय से छात्रों के प्रति अनुचित रहा है।
• कक्षाओं में तनावपूर्ण माहौल बन गया है।
• कई छात्र शिक्षिका बदलने की मांग कर रहे हैं।
• बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
नोटिस में कहा गया है कि यदि तीन दिनों के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया, तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यालय से अनुपस्थित शिक्षक भी समस्या की जड़
विद्यालय में केवल यह एक मामला नहीं है।
कई शिक्षक—
• विद्यालय मुख्यालय में निवास नहीं करते,
• रायगढ़ से रोजाना सफर कर देर से पहुँचते हैं,
• कक्षा समय से पहले छोड़ देते हैं।
जिला प्रशासन के मुख्यालय निवास संबंधी आदेश के बावजूद यह स्थिति बनी हुई है, जिससे शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
Atmanand School : अभिभावकों का आक्रोश — “कार्रवाई करो, नहीं तो आंदोलन होगा”
स्थानीय अभिभावकों और सामाजिक संगठनों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि—
“शासन मॉडल स्कूलों पर करोड़ों रुपये खर्च कर रहा है, लेकिन कुछ शिक्षक मनमानी कर पूरी व्यवस्था की छवि खराब कर रहे हैं। यदि कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।”
सवाल कायम — क्या होगी कड़ी कार्रवाई?
अब बड़ा प्रश्न यह है कि—
• क्या आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी?
• क्या शिक्षिका के खिलाफ निलंबन, स्थानांतरण या अन्य कार्रवाई होगी?
• या मामला औपचारिकता में दब जाएगा?
विद्यालय का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण में शिक्षा देना है, न कि भय, मानसिक दबाव और तनाव। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह केवल एक छात्र का नहीं, पूरी शिक्षा व्यवस्था के भविष्य का प्रश्न है।









