Gharghoda Crime Update: गौरी शंकर गुप्ता/घरघोड़ा/रायगढ़। रायगढ़ जिले के घरघोड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत पारिवारिक रिश्तों को तार-तार करने और योजनाबद्ध तरीके से एक व्यवसायी की मेहनत की कमाई व करोड़ों रुपये की संपत्ति हड़पने की गहरी साजिश का भंडाफोड़ हुआ है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्री शशि मोहन सिंह के कड़े दिशा-निर्देशन पर शिकायतों के त्वरित निराकरण के तहत यह बड़ी वैधानिक कार्रवाई की गई है। आवेदक पिंगल कुमार बघेल द्वारा प्रस्तुत शिकायती आवेदन की विस्तृत जाँच एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी द्वारा की गई थी। जाँच में चोरी, गबन, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र के आरोप प्रथम दृष्टया पूरी तरह सही पाए जाने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए व्यवसायी की पत्नी और उसके साले को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
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सीसीटीवी फुटेज और 22 लाख के बैंक ट्रांजेक्शन से खुला राज
इस सनसनीखेज मामले की पृष्ठभूमि काफी लंबी है। घरघोड़ा के वार्ड क्रमांक 05, छाल रोड निवासी पीड़ित पिंगल कुमार बघेल (41 वर्ष) शहर में फैब्रिकेशन, सेंट्रिंग और मीडिया से संबंधित बड़ा व्यवसाय करता है। वर्ष 2008 में उसका विवाह सीमा यादव (सीमा बघेल) से हुआ था। पीड़ित अपनी मेहनत की कमाई प्रतिदिन अपनी पत्नी को सुरक्षित रखने के लिए सौंपता था, लेकिन वर्ष 2014 में उसे घर में रकम कम होने का संदेह हुआ। इस पर व्यवसायी ने घर के भीतर गुप्त रूप से सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगवाए। फुटेज देखने पर उसके होश उड़ गए; उसकी पत्नी अलमारी से मोटी रकम चोरी-छिपे निकालकर अपने सगे भाई कृष्ण कुमार यादव को दे रही थी। पुलिस जाँच में पता चला कि आरोपी साला पूरी तरह बेरोजगार है, लेकिन फिर भी उसकी मिलीभगत से उसके बैंक खाते में लगभग 22 लाख रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन पाए गए।
करोड़ों की मुआवजे वाली जमीन दबाव बनाकर कराई अपने नाम
शिकायत के अनुसार, साजिश का दूसरा और सबसे बड़ा हिस्सा वर्ष 2022 में सामने आया। पीड़ित पिंगल कुमार ने तमनार क्षेत्र में एक ऐसी भूमि खरीदने की योजना बनाई थी, जिसके भविष्य में औद्योगिक अधिग्रहण होने पर करोड़ों रुपये का मुआवजा और सरकारी नौकरी मिलने की शत-प्रतिशत संभावना थी। इस गुप्त और मलाईदार जानकारी का लाभ उठाते हुए ससुर भरतलाल यादव, साला कृष्ण कुमार यादव और पत्नी सीमा बघेल ने एक राय होकर व्यवसायी पर अत्यधिक मानसिक दबाव बनाया। आरोपियों ने डरा-धमकाकर लगभग 13 लाख 50 हजार रुपये की वह कीमती भूमि सीमा बघेल के नाम पर ही रजिस्ट्री करा ली। इसके बाद व्यवसायी की अन्य पैतृक व अर्जित संपत्तियों को भी पूरी तरह हड़पने के उद्देश्य से उसे लगातार प्रताड़ित किया जाने लगा।
चिकित्सीय और दस्तावेज़ी जाँच के बाद बीएनएस की कड़ी धाराएं लागू
एसडीओपी धरमजयगढ़ की बारीकी से की गई जाँच रिपोर्ट के आधार पर दिनांक 03 जून 2026 को थाना घरघोड़ा में अपराध क्रमांक 188/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2) (criminal conspiracy), 49 (abetment), 318(4) (cheating), 303(2) (theft), 316(2) (criminal breach of trust) और 3(5) (joint liability) के अंतर्गत गैर-जमानती अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से व्यवसायी को अपूर्णीय आर्थिक नुकसान पहुँचाने और अनुचित लाभ कमाने के लिए धोखाधड़ी का यह जाल बुना था।
दो मुख्य आरोपी जेल के सलाखों के पीछे, फरार ससुर की तलाश तेज़
थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू के कुशल नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने दिनांक 04 जून 2026 को त्वरित दबिश देकर मुख्य आरोपी पत्नी सीमा बघेल (41 वर्ष) और साले कृष्ण कुमार यादव (39 वर्ष, निवासी पैलपारा, सारंगढ़) को पुलिस अभिरक्षा में लिया। कड़ी और पेशेवर पूछताछ में दोनों ने संपत्ति और नगदी गबन करने के सभी वैज्ञानिक व दस्तावेज़ी साक्ष्यों के आगे अपना गुनाह पूरी तरह स्वीकार कर लिया। मामले में पर्याप्त सबूत पाए जाने पर दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। एसएसपी ने कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि धोखाधड़ी और गबन के इस मामले में नामजद फरार ससुर भरतलाल यादव की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें सरगर्मी से छापेमारी कर रही हैं और उसे भी जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।









