Lailunga Police Action: गौरी शंकर गुप्ता/लैलूंगा/रायगढ़। रायगढ़ पुलिस द्वारा जिले को पूरी तरह नशामुक्त बनाने और मादक पदार्थों के काले कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन आघात” के तहत आज एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक सफलता हाथ लगी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्री शशि मोहन सिंह के कुशल नेतृत्व एवं कड़े दिशा-निर्देशन पर लैलूंगा थाना पुलिस ने ओड़िशा से छत्तीसगढ़ के रास्ते मध्य प्रदेश ले जाई जा रही लगभग 300 किलोग्राम गांजे की भारी-भरकम खेप को पकड़ने में कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने मौके से अंतर्राज्यीय गिरोह के तीन शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस पूरी कार्रवाई में मादक पदार्थ सहित परिवहन में प्रयुक्त दो लग्जरी गाड़ियों और महंगे मोबाइलों को मिलाकर कुल ₹1,86,00,00,000 (1 करोड़ 86 लाख रुपये) की संपत्ति जब्त की गई है।
ओड़िशा से मध्य प्रदेश भेजने की थी तैयारी, पुलिस ने की नाकेबंदी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आज सुबह पुलिस को सटीक मुखबिर से यह अत्यंत गोपनीय सूचना मिली थी कि ओड़िशा के सोनपुर क्षेत्र से गांजे की एक बहुत बड़ी खेप को दो सफेद रंग की लग्जरी कारों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के रास्ते अनूपपुर (मध्य प्रदेश) तस्करी करने की योजना है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने लैलूंगा पुलिस को तत्काल प्रभावी एक्शन लेने के कड़े निर्देश जारी किए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल कुमार सोनी एवं एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी के संयुक्त मार्गदर्शन में लैलूंगा पुलिस ने तत्काल रणनीतिक योजना बनाकर क्षेत्र के विभिन्न संवेदनशील मार्गों पर बहुस्तरीय सघन नाकेबंदी कर दी।
कटकलिया मार्ग पर रोकी गईं कारें, डबल नंबर प्लेट देख बढ़ा संदेह
नाकेबंदी के दौरान कटकलिया मार्ग पर घेराबंदी कर रही पुलिस टीम को मुखबिर के बताए अनुसार एक सफेद रंग की इनोवा क्रिस्टा और एक मारुति सुजुकी एक्सएल-6 कार आती हुई दिखाई दी, जिसे पुलिस ने घेराबंदी कर रोक लिया। जब पुलिस टीम ने सफेद रंग की इनोवा क्रिस्टा की सघन जाँच शुरू की, तो उसमें तस्करी का एक बेहद शातिर तरीका सामने आया। वाहन में एक साथ दो नंबर प्लेट लगी हुई थीं, जिसमें ऊपर ओड़िशा के नंबर की प्लेट (OD-10-H-0050) और ठीक उसके नीचे छत्तीसगढ़ के नंबर की प्लेट (CG-13-BY-6540) छुपाई गई थी। दोहरी नंबर प्लेट को देखते ही पुलिस का संदेह गहरा गया, जिसके बाद प्रभारी लैलूंगा उपनिरीक्षक गिरधारी साव ने वाहनों में सवार तीनों युवकों को एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के कड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी देकर उनकी विधिवत तलाशी ली।
300 किलो गांजा और 5 मोबाइल जब्त, कुल 1.86 करोड़ की जब्ती
वाहनों की गहन तलाशी लेने पर पुलिस के होश उड़ गए। दोनों लग्जरी कारों के भीतर भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ गांजा छिपाकर रखा गया था। पुलिस ने जब पूरे माल को निकालकर उसका वजन कराया, तो वह कुल 300 किलोग्राम पाया गया, जिसकी अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत करीब ₹1,50,00,00,000 (1 करोड़ 50 लाख रुपये) आंकी गई है। इसके साथ ही पुलिस ने मौके से परिवहन में प्रयुक्त इनोवा क्रिस्टा (कीमत लगभग 20 लाख रुपये), मारुति सुजुकी एक्सएल-6 (कीमत लगभग 14 लाख रुपये) और तस्करों के पास से कुल 5 स्मार्टफोन जब्त किए हैं, जिनमें दो महंगे आईफोन (कीमत लगभग 2 लाख रुपये) भी शामिल हैं।
अंतर्राज्यीय नेटवर्क को ध्वस्त करने मध्य प्रदेश रवाना हुई पुलिस टीम
मौके से गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान निखिल कश्यप (23 वर्ष, निवासी रामानुजगंज, जिला बलरामपुर), रिंकु कश्यप (28 वर्ष, निवासी दरिमा, जिला सरगुजा) और धर्मेंद्र कुमार मौर्य (27 वर्ष, निवासी हराटोला, जिला अनूपपुर, मध्य प्रदेश) के रूप में हुई है। पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि वे इस खेप को मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में बैठे अपने बड़े आकाओं और सहयोगियों तक पहुँचाने जा रहे थे। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ थाना लैलूंगा में धारा 20(बी) एवं 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत गैर-जमानती अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में इस पूरे अंतर्राज्यीय नेटवर्क और मुख्य सरगनाओं की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की एक विशेष टीम को तत्काल सरगुजा और अनूपपुर (मध्य प्रदेश) के लिए रवाना कर दिया गया है।









