CG Liquor & Coal Scam: रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब और कोयला लेवी स्कैम मामले में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) की जांच लगातार तीव्र होती जा रही है। जांच एजेंसी ने मामले के मुख्य आरोपियों के बीच वित्तीय लेन-देन और नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसी कड़ी में EOW की टीम ने कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल से पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े अन्य प्रमुख आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर बयान दर्ज किए।
जांच एजेंसी ने रामगोपाल अग्रवाल के सामने अनवर ढेबर और उनके अकाउंटेंट देवेंद्र डडसेना को बैठाकर कई अहम और वित्तीय लेन-देन से जुड़े सवाल दागे।
सेंट्रल जेल में 3 घंटे तक चला बयानों का दौर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, EOW की विशेष जांच टीम रामगोपाल अग्रवाल को रायपुर स्थित सेंट्रल जेल लेकर पहुंची थी। वहां पहले से बंद अनवर ढेबर से उनका सीधा आमना-सामना कराया गया। जांच अधिकारियों ने दोनों से कथित लेन-देन, आपसी संपर्क और पूरे सिंडिकेट के संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत पूछताछ की।
इसके अतिरिक्त, रामगोपाल अग्रवाल के अकाउंटेंट देवेंद्र डडसेना को भी उनके सामने बैठाया गया। करीब तीन घंटे तक चली इस मैराथन पूछताछ के दौरान दोनों के बयानों का मिलान किया गया और उनके आधिकारिक बयान दर्ज किए गए। EOW इस समय आरोपी सूर्यकांत तिवारी और रामगोपाल अग्रवाल से भी समानांतर पूछताछ कर रही है, जिसमें वित्तीय दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड्स को सामने रखकर जानकारी मांगी जा रही है।
रिमांड खत्म, EOW कर सकती है अवधि बढ़ाने की मांग
बताया जा रहा है कि रामगोपाल अग्रवाल की पुलिस रिमांड समाप्त हो रही है। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद EOW उन्हें विशेष न्यायालय में पेश करेगी। मामले की संवेदनशीलता और जांच के बचे हुए पहलुओं को देखते हुए एजेंसी अदालत से पूछताछ के लिए अतिरिक्त रिमांड अवधि बढ़ाने की मांग कर सकती है।
ED भी कस सकती है शिकंजा
EOW की कार्रवाई के साथ-साथ केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी इस पूरे प्रकरण पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है। सूत्रों के अनुसार, धन शोधन (Money Laundering) के कोण से जांच कर रही ED द्वारा जल्द ही रामगोपाल अग्रवाल की कस्टोडियल रिमांड लेने के लिए अदालत में आवेदन प्रस्तुत करने की संभावना जताई जा रही है।
छत्तीसगढ़ में शराब और कोयला लेवी से जुड़े मामले लंबे समय से केंद्रीय व राज्य जांच एजेंसियों के केंद्र में हैं। EOW और ED दोनों ही एजेंसियां कथित अवैध वसूली से प्राप्त राशि के अंतिम उपयोग और इसमें शामिल नेटवर्क का पर्दाफाश करने में जुटी हैं। आमने-सामने बैठाकर कराई गई इस पूछताछ को जांच का एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।






