[nishaanebaz.com] Jabalpur News: जबलपुर। शहर के प्रसिद्ध गौरीघाट क्षेत्र में शनिवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब नदी में गश्त कर रही होमगार्ड की पेट्रोलिंग नाव अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसा करीब 3:30 बजे नदी के बीच में हुआ। नाव में होमगार्ड जवानों के साथ आपदा मित्र का बचाव दल भी सवार था। नाव के अचानक पलटने से सभी कर्मी नदी में गिर गए, लेकिन राहत की बात यह रही कि सभी ने सुरक्षा के लिए लाइफ जैकेट पहन रखी थी। इसके चलते किसी तरह की जनहानि नहीं हुई और सभी कर्मी सुरक्षित बाहर निकल आए।
नदी के बीच अचानक बिगड़ा नाव का संतुलन
जानकारी के मुताबिक, होमगार्ड और आपदा मित्र दल के कर्मी गौरीघाट क्षेत्र में नियमित पेट्रोलिंग और निगरानी के लिए नाव से नदी में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान नाव नदी के बीच पहुंची तो अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और देखते ही देखते नाव पलट गई।
नाव पलटते ही उसमें सवार कर्मी पानी में जा गिरे। अचानक हुई इस घटना से आसपास मौजूद लोगों और नाविकों में भी हलचल मच गई। हालांकि, कर्मियों ने लाइफ जैकेट पहन रखी थी, जिसके कारण उन्होंने घबराने के बजाय पानी में खुद को संभाला और सुरक्षित रहने में कामयाब रहे।
लाइफ जैकेट बनी सबसे बड़ी सुरक्षा
हादसे के दौरान लाइफ जैकेट पहनना कर्मियों के लिए सबसे बड़ा सुरक्षा कवच साबित हुआ। नाव पलटने के बाद सभी कर्मी नदी के पानी में थे, लेकिन लाइफ जैकेट के कारण वे पानी में सुरक्षित रह सके।कर्मियों ने तैरकर नदी से बाहर निकलने की कोशिश शुरू की। इसी बीच आसपास मौजूद स्थानीय नाविक भी तत्काल मदद के लिए आगे आए और उन्होंने बचाव कार्य में सहयोग किया।
स्थानीय नाविकों ने दिखाई तत्परता
घटना के समय गौरीघाट के आसपास मौजूद स्थानीय नाविकों ने स्थिति को समझते हुए बिना देर किए बचाव में मदद शुरू कर दी। उन्होंने नदी में मौजूद होमगार्ड और आपदा मित्र दल के कर्मियों को सुरक्षित किनारे तक पहुंचाने में सहयोग किया।स्थानीय नाविकों की तत्परता और मौके पर मौजूद कर्मियों की सुरक्षा व्यवस्था के कारण हादसा बड़ा रूप लेने से बच गया। सभी कर्मियों को सकुशल नदी से बाहर निकाल लिया गया।
हादसे में सभी कर्मी सुरक्षित
नाव पलटने के बाद राहत और बचाव की स्थिति कुछ ही समय में नियंत्रण में आ गई। नाव में सवार सभी होमगार्ड और आपदा मित्र दल के कर्मियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। फिलहाल किसी भी कर्मी के गंभीर रूप से घायल होने या जनहानि की सूचना नहीं है।
हादसे के बाद पेट्रोलिंग नाव को नदी से बाहर निकालने और उसके पलटने के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है। यह भी देखा जा सकता है कि नाव की स्थिति और नदी में पेट्रोलिंग के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त थी या नहीं।
बारिश के मौसम में नदी में बढ़ी चुनौती
बारिश के मौसम में नदियों का जलस्तर और बहाव बढ़ने के कारण नदी में नाव से पेट्रोलिंग और बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे समय में छोटी-सी तकनीकी या परिचालन संबंधी समस्या भी बड़ा हादसा बन सकती है।गौरीघाट में हुई घटना के बाद नदी में पेट्रोलिंग करने वाले दलों के लिए सुरक्षा इंतजामों और नावों की नियमित जांच की जरूरत भी सामने आती है। हालांकि इस घटना में सभी कर्मियों के सुरक्षित बचने से बड़ी दुर्घटना टल गई।
बड़ी घटना टली, सुरक्षा इंतजामों पर भी ध्यान जरूरी
गौरीघाट में पेट्रोलिंग नाव पलटने की घटना ने नदी में गश्त के दौरान सावधानी और सुरक्षा उपकरणों की अहमियत को एक बार फिर सामने ला दिया है। लाइफ जैकेट और स्थानीय नाविकों की तत्काल मदद के कारण सभी कर्मियों को सुरक्षित बचाया जा सका।
फिलहाल हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। नाव पलटने के वास्तविक कारणों की जानकारी सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना तकनीकी वजह से हुई, तेज बहाव के कारण या किसी अन्य परिस्थिति के चलते नाव का संतुलन बिगड़ा।