[nishaanebaz.com] MP State Plane: ग्वालियर। मध्यप्रदेश सरकार के दुर्घटनाग्रस्त स्टेट प्लेन को बेचने की कोशिश फिलहाल सफल नहीं हो सकी है। ग्वालियर के महाराजपुरा एयरबेस पर खड़े बीचक्राफ्ट किंग एयर B-200GT (VT-MPQ) को खरीदने के लिए सरकार की ओर से जारी एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) में किसी कंपनी या फर्म ने रुचि नहीं दिखाई। निर्धारित समय सीमा खत्म होने के बाद अब सरकार विमान को स्क्रैप के रूप में बेचने के लिए दोबारा EOI जारी करने की तैयारी कर रही है।
करीब 65 करोड़ रुपये की लागत से खरीदा गया यह विमान मई 2021 में लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे के बाद से विमान ग्वालियर के महाराजपुरा एयरबेस पर खड़ा है। लंबे समय से इसके निपटारे की कोशिश की जा रही है, लेकिन खरीदार नहीं मिलने के कारण अब सरकार को बिक्री प्रक्रिया फिर से शुरू करनी पड़ेगी।
17 अगस्त तक मांगे गए थे प्रस्ताव
राज्य सरकार ने 7 अगस्त को दुर्घटनाग्रस्त विमान की बिक्री के लिए EOI जारी किया था। इसमें इच्छुक कंपनियों और फर्मों से ऑनलाइन प्रस्ताव मांगे गए थे। प्रस्ताव जमा करने की अंतिम तारीख 17 अगस्त निर्धारित की गई थी।
समय सीमा समाप्त होने के बाद भी विमान खरीदने के लिए कोई प्रस्ताव नहीं आया। इसके चलते मौजूदा EOI प्रक्रिया बिना किसी खरीदार के समाप्त हो गई। अब सरकार नए सिरे से EOI जारी कर संभावित खरीदारों को मौका देने की तैयारी में है।
65 करोड़ रुपये में खरीदा गया था विमान
मध्यप्रदेश सरकार ने सितंबर 2020 में अमेरिकी कंपनी टेक्स्ट्रॉन एविएशन से यह विमान करीब 65 करोड़ रुपये में खरीदा था। सरकारी उपयोग के लिए खरीदा गया विमान खरीद के करीब आठ महीने बाद ही दुर्घटना का शिकार हो गया।
6 मई 2021 को लैंडिंग के दौरान विमान का अगला हिस्सा रनवे के अरेस्टर बैरियर से टकरा गया था। हादसे में विमान को काफी नुकसान पहुंचा और इसके बाद इसे नियमित उड़ान के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सका।
हादसे के बाद पायलट पर भी हुई कार्रवाई
विमान हादसे की जांच के बाद DGCA ने पायलट माजिद अख्तर को दुर्घटना के लिए जिम्मेदार माना था। इसके बाद उनका फ्लाइंग लाइसेंस निलंबित किया गया था। राज्य सरकार की ओर से भी पायलट को निलंबित कर उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं।हादसे के बाद विमान को ग्वालियर के महाराजपुरा एयरबेस पर रखा गया, जहां यह लंबे समय से खड़ा है।
दुर्घटना के समय नहीं था विमान का बीमा
इस मामले में यह जानकारी भी सामने आई थी कि दुर्घटना के समय विमान का बीमा नहीं था। हादसे तक विमान ने करीब 208 घंटे की उड़ान और 204 लैंडिंग की थीं।पिछली EOI में सरकार ने क्षतिग्रस्त विमान के लिए 6 करोड़ रुपये का बेस प्राइस निर्धारित किया था। वहीं स्टेट हैंगर में रखे स्पेयर पार्ट्स के लिए 1 करोड़ रुपये का बेस प्राइस तय किया गया था।
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अब दोबारा शुरू होगी बिक्री की प्रक्रिया
पहली EOI में किसी खरीदार के सामने नहीं आने के बाद अब सरकार फिर से बिक्री प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। नई EOI में विमान और उसके स्पेयर पार्ट्स को खरीदने के इच्छुक पक्षों से प्रस्ताव मांगे जाएंगे।
फिलहाल विमान महाराजपुरा एयरबेस पर खड़ा है और सरकार इसके निपटारे के लिए नए सिरे से प्रयास करेगी। अब देखना होगा कि दोबारा जारी होने वाली EOI में किसी कंपनी या फर्म की ओर से रुचि दिखाई जाती है या नहीं।