T20 World Cup 2026:नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने के साथ भारतीय टीम ने लगातार दूसरी बार यह खिताब अपने नाम कर इतिहास रच दिया। इस टूर्नामेंट में विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने शानदार प्रदर्शन किया। अब उन्होंने पूर्व कप्तान रोहित शर्मा को लेकर एक दिलचस्प खुलासा किया है।
T20 World Cup 2026:शुरुआती मैचों में नहीं मिला था मौका
T20 World Cup 2026:टी20 वर्ल्ड कप से पहले भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज खेली थी। इस सीरीज में संजू सैमसन का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था। इसके बावजूद उनका चयन वर्ल्ड कप टीम में हुआ, लेकिन शुरुआती मुकाबलों में उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली।
T20 World Cup 2026:रोहित शर्मा ने बढ़ाया था हौसला
T20 World Cup 2026:हाल ही में जियोस्टार को दिए इंटरव्यू में संजू सैमसन ने बताया कि टीम से बाहर रहने के दौरान रोहित शर्मा ने उनसे कहा था कि उनका मौका जरूर आएगा। लेकिन उस समय उन्हें रोहित की बात पर भरोसा नहीं हुआ।
T20 World Cup 2026:संजू ने कहा, “सच कहूं तो मुझे उस समय रोहित भैया की बात पर बिल्कुल विश्वास नहीं था। शायद वह अपने अनुभव से कह रहे थे, लेकिन मैं उस वक्त बहुत निराश था और उनकी बात समझ नहीं पा रहा था।”
T20 World Cup 2026: ब्रेक ने बदल दी सोच
संजू ने बताया कि न्यूजीलैंड सीरीज में खराब प्रदर्शन के बाद वह मानसिक रूप से काफी परेशान थे। शुरुआती कुछ दिन उनके लिए मुश्किल रहे, लेकिन इसी दौरान उन्होंने खुद से सवाल किया कि उन्होंने क्रिकेट खेलना क्यों शुरू किया और उनका असली लक्ष्य क्या है। इस आत्ममंथन ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाया।
T20 World Cup 2026:वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली मैच जिताऊ पारी
T20 World Cup 2026:टी20 वर्ल्ड कप के अहम मुकाबले में वेस्टइंडीज के खिलाफ संजू सैमसन ने 50 गेंदों में नाबाद 97 रन बनाकर भारत को जीत दिलाई। उन्होंने कहा कि उस मैच में वह बड़े शॉट खेलने की सोचते थे, लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिर रहे थे। ऐसे में उन्होंने अपनी रणनीति बदली और परिस्थिति के अनुसार बल्लेबाजी की। संजू के मुताबिक, “क्रिकेट आपको हर पल सिखाता है कि मैच की जरूरत क्या है। उसी हिसाब से मैंने अपनी बल्लेबाजी बदली।”
T20 World Cup 2026:जश्न नहीं, भगवान का आभार था
T20 World Cup 2026: 97 रन की शानदार पारी के बाद संजू का जश्न सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। इस पर उन्होंने कहा कि वह बेहद धार्मिक हैं और उनका जश्न किसी उपलब्धि का घमंड नहीं था, बल्कि भगवान के प्रति आभार व्यक्त करने का तरीका था। उन्होंने कहा, “मैं सिर्फ एक माध्यम था, जिससे टीम की जीत में योगदान दे सका। वह पल मेरी जिंदगी के सबसे खास लम्हों में से एक है और मैं उसे आखिरी सांस तक नहीं भूलूंगा।”







