Jabalpur News: जबलपुर। कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री एवं पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन ने जबलपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान दिल्ली में छात्रों और युवाओं के आंदोलन पर हुई पुलिस कार्रवाई की कड़े शब्दों में आलोचना की। उन्होंने कहा कि संविधान के दायरे में रहकर अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल बेहद निंदनीय है।उन्होंने इस कार्रवाई को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का ‘काला दिन’ बताते हुए कहा कि इससे लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
“लोकतांत्रिक अधिकारों का हुआ दमन”
मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है। ऐसे आंदोलन पर बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है।उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई गृह मंत्रालय के निर्देशों पर हुई, जिसने लोकतंत्र और संविधान में विश्वास रखने वाले नागरिकों को झकझोर दिया है।
सोनम वांगचुक को लेकर भी उठाए सवाल
Jabalpur News: कांग्रेस नेत्री ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का भी जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध ले जाया गया और अपनी पसंद के अस्पताल में इलाज की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम पर पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की।
NEET अभ्यर्थियों के प्रति जताई संवेदना
मीनाक्षी नटराजन ने NEET परीक्षा से जुड़ी निराशा के कारण जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। साथ ही आंदोलन के दौरान घायल हुए छात्रों और प्रदर्शनकारियों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
“युवाओं का आंदोलन बनेगा बड़ा टर्निंग पॉइंट”
Jabalpur News: उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन, CAA-NRC विरोध प्रदर्शन, भारत जोड़ो यात्रा और अब संसद तक पहुंचे युवाओं का आंदोलन देश की लोकतांत्रिक राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि अपने अधिकारों के लिए निडर होकर आवाज उठाने वाले युवाओं का साहस लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है और यही देश का वर्तमान तथा भविष्य तय करेगा।







