CG NEWS : रायपुर : छत्तीसगढ़ में एक बार फिर ठंड बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले तीन दिनों में राज्य के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक नीचे जा सकता है। इससे रात और सुबह के समय ठंड का असर और तेज हो जाएगा। सरगुजा और बिलासपुर संभाग के कुछ क्षेत्रों में घने कोहरे की संभावना जताई गई है, जबकि पेंड्रा और अमरकंटक क्षेत्र शीतलहर की चपेट में हैं।
CG NEWS : पिछले 24 घंटों में दुर्ग का अधिकतम तापमान 30.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम तापमान 7.6 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में रिकॉर्ड हुआ। अंबिकापुर क्षेत्र में ठंड के कारण अब तक दो लोगों की मौत के मामले सामने आ चुके हैं। नया साल शुरू होते ही श्रीगढ़ में एक बुजुर्ग ठंड की वजह से हाइपोथर्मिया का शिकार हो गए। इससे पहले दिसंबर में भी इसी तरह का मामला दर्ज हुआ था।
CG NEWS : तेज ठंड का असर बच्चों पर भी देखने को मिल रहा है। रायपुर के सरकारी और निजी अस्पतालों में बीते एक महीने में हाइपोथर्मिया के 400 से ज्यादा मामले सामने आए हैं। डॉक्टरों के अनुसार, नवजात और छोटे बच्चों का शरीर जल्द ठंडा पड़ जाता है, जिसके कारण उन्हें अतिरिक्त सावधानी की आवश्यकता होती है। कई मामलों में बच्चों को NICU और SNCU में भर्ती कर उपचार करना पड़ रहा है।
CG NEWS : अस्पतालों की ओपीडी में सर्दी-जुकाम, वायरल फीवर और खांसी के मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। अंबेडकर अस्पताल में मेडिसिन, पीडियाट्रिक और चेस्ट विभाग में अब तक 600 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचे हैं।
CG NEWS : हाइपोथर्मिया को जानलेवा आपातकालीन स्थिति माना जाता है, जिसमें शरीर का तापमान सामान्य स्तर से नीचे चला जाता है। ठंडी हवा या पानी के लंबे समय तक संपर्क में रहने से शरीर की गर्मी तेजी से निकल जाती है और अंगों की कार्यक्षमता प्रभावित होने लगती है।
CG NEWS : रायपुर नगर निगम ने शहर के कई स्थानों पर रात के समय अलाव की व्यवस्था की है, ताकि बेघर और जरूरतमंद लोगों को राहत मिल सके। मेयर और निगम कमिश्नर ने सभी जोन अधिकारियों को व्यवस्था की निगरानी के निर्देश दिए हैं।
CG NEWS : स्वास्थ्य विभाग ने भी एडवाइजरी जारी की है। लोगों से अपील की गई है कि शीतलहर के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, गर्म कपड़े पहनें और बच्चों को विशेष रूप से सुरक्षित रखें। बदलते मौसम में मलेरिया संक्रमण का खतरा भी बढ़ने की आशंका जताई गई है, क्योंकि तापमान मच्छरों के प्रजनन के अनुकूल बना हुआ है।
CG NEWS : डॉक्टरों का कहना है कि घर के आसपास पानी जमा न होने दें, कूलर, गमले और टायर जैसी जगहों को नियमित साफ रखें। शाम के बाद फुल-स्लीव कपड़े पहनें, मच्छरदानी का प्रयोग करें और बुखार या सिरदर्द होने पर तुरंत जांच कराएं। वर्तमान तापमान में प्लास्मोडियम विवैक्स प्रकार के मलेरिया का खतरा अधिक माना जा रहा है।
CG NEWS : ठंड और संक्रमण से बचाव के लिए विशेषज्ञ गर्म पानी की भाप लेने, नमक-पानी के गरारे करने, विटामिन C युक्त आहार लेने और अदरक-तुलसी की चाय या काढ़ा पीने की सलाह दे रहे हैं। इन उपायों से प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और वायरल संक्रमण का खतरा कम होता है।









