CG NEWS : बिलासपुर : बिलासपुर हाईकोर्ट ने शादी का झांसा देकर दैहिक शोषण के एक चर्चित मामले में अहम फैसला सुनाते हुए आरोपी की दोषमुक्ति को बरकरार रखा और पीड़िता की याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि यह मामला जबरन संबंध का नहीं बल्कि आपसी सहमति से बने रिश्ते का प्रतीत होता है।
CG NEWS : मामले के अनुसार, पीड़िता की मुलाकात वर्ष 2013 में आरोपी से हुई थी। बाद में उसने आरोप लगाया कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और करीब सात साल तक अपने साथ रखा। हालांकि ट्रायल कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को बरी कर दिया था, जिसके खिलाफ पीड़िता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
CG NEWS : सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि पीड़िता ने खुद स्वीकार किया है कि वह अपनी मर्जी से आरोपी के साथ लंबे समय तक रही। कोर्ट ने यह भी कहा कि उस समय पीड़िता वयस्क थी और अपने निर्णय लेने में सक्षम थी। इसके अलावा, घटना के बाद एफआईआर दर्ज करने में हुई देरी को लेकर भी कोर्ट ने सवाल उठाए।
CG NEWS : कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आपराधिक न्याय प्रणाली का मूल सिद्धांत है कि किसी निर्दोष व्यक्ति को सजा न दी जाए। ऐसे में जब संबंध सहमति से स्थापित पाया गया और साक्ष्यों में ठोस आधार नहीं मिला, तो आरोपी की दोषमुक्ति को गलत नहीं ठहराया जा सकता।











