Trinamool Congress Crisis: नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (TMC) में अंदरूनी विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। खबर है कि पार्टी के 19 सांसदों ने बागी रुख अपना लिया है। सामने आई सूची में सांसद शत्रुघ्न सिन्हा और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान का नाम भी शामिल बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि इन सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपकर अलग संसदीय समूह बनाने की जानकारी दी है। हालांकि, TMC की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
Trinamool Congress Crisis: यदि यह दावा सही साबित होता है, तो यह ममता बनर्जी की पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जाएगा। लोकसभा में TMC के कुल 28 सांसद हैं, ऐसे में 19 सांसदों के अलग होने की चर्चा ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है।
Trinamool Congress Crisis: सूत्रों के मुताबिक, बागी सांसद फिलहाल TMC से इस्तीफा नहीं देंगे और न ही भाजपा में शामिल होंगे। वे एनडीए का समर्थन करने वाले अलग समूह के रूप में काम करने की योजना बना रहे हैं। माना जा रहा है कि यह कदम दलबदल कानून से बचने के लिए उठाया गया है।
Trinamool Congress Crisis: बताया जा रहा है कि बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को अपने अलग गुट की जानकारी दे दी है। इस गुट की ओर से यह भी तर्क दिया जा सकता है कि काकोली घोष लोकसभा में TMC की चीफ व्हिप हैं, जो आगे कानूनी और संसदीय बहस का विषय बन सकता है।
Trinamool Congress Crisis: वहीं, महुआ मोइत्रा, अभिषेक बनर्जी, सौगत रॉय, सुदीप बंदोपाध्याय, कल्याण बनर्जी और कीर्ति आजाद समेत कई सांसद अब भी ममता बनर्जी के साथ बताए जा रहे हैं।इस बीच TMC की राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने पार्टी और संसद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले वरिष्ठ नेता सुखेंदु शेखर राय भी पार्टी छोड़ चुके हैं। सूत्रों के अनुसार, सुष्मिता देव के भाजपा में शामिल होने की अटकलें भी लगाई जा रही हैं।
Trinamool Congress Crisis: बागी खेमे के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया है कि उनके साथ अब 64 विधायक हैं और यह संख्या आगे बढ़ सकती है। उनका कहना है कि बहुमत उनके साथ है और वही असली तृणमूल कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करते हैं।
Trinamool Congress Crisis: फिलहाल पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हैं। सभी की नजरें अब ममता बनर्जी और TMC नेतृत्व की अगली रणनीति पर टिकी हुई हैं।









