Korba Bat Death: कोरबा गर्मी कहर का असर अब इंसानों के साथ-साथ बेजुबान जीवों पर भी दिखाई देने लगा है। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में भीषण गर्मी के कारण 150 से ज्यादा चमगादड़ों की मौत हो गई है।जानकारी के मुताबिक कई चमगादड़ पेड़ों से नीचे गिरते हुए मिले। इस घटना के बाद इलाके में चिंता का माहौल बन गया है।
कोरबा गर्मी कहर के बीच जिले में पिछले कई दिनों से तापमान लगातार 43 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ है।तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों का जनजीवन प्रभावित है। अब इसका असर वन्य जीवों पर भी साफ दिखाई देने लगा है।
तालाब किनारे पेड़ों पर था बसेरा
कोरबा गर्मी कहर से प्रभावित चमगादड़ों ने पाली क्षेत्र के नौकौनिया तालाब के किनारे पेड़ों पर डेरा जमा रखा था।स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से कई चमगादड़ अचानक पेड़ों से नीचे गिरने लगे थे। बाद में बड़ी संख्या में उनकी मौत हो गई।
गर्मी से कमजोर हो रहे जीव
कोरबा गर्मी कहर के कारण बेजुबान जीवों की हालत लगातार खराब हो रही है।विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक तापमान और पानी की कमी के चलते चमगादड़ कमजोर हो रहे हैं। इसी वजह से वे पेड़ों से गिर रहे हैं।
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वन विभाग जांच में जुटा
कोरबा गर्मी कहर के बीच मृत चमगादड़ों की सूचना वन विभाग को दी गई है।वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मौत की असली वजह जानने के लिए जांच की जा रही है।
पर्यावरण को लेकर बढ़ी चिंता
कोरबा गर्मी कहर ने पर्यावरण और वन्य जीव संरक्षण को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी और मौसम में बदलाव का असर अब सीधे जीव-जंतुओं पर दिखाई देने लगा है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
कोरबा गर्मी कहर को देखते हुए प्रशासन और वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।विशेषज्ञों का कहना है कि भीषण गर्मी के दौरान पेड़ों और जल स्रोतों के आसपास वन्य जीवों को परेशान नहीं करना चाहिए, ताकि उन्हें राहत मिल सके।









