CG IPS News : छत्तीसगढ़ में आईपीएस अधिकारियों की हालिया पदोन्नति सूची को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। कबीरधाम के पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह छवई ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर प्रमोशन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि पदोन्नति में उनके साथ भेदभाव किया गया है और यह प्रक्रिया संवैधानिक प्रावधानों व समान अवसर के अधिकार के खिलाफ है। चार आईपीएस अधिकारियों को पदोन्नति दिए जाने पर उन्होंने आपत्ति जताते हुए पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
CG IPS News : इसी बीच कोरबा नगर सेना से जुड़ा मामला भी प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। कोरबा में जिला सेनानी अनुज एक्का के खिलाफ लंबे समय से गंभीर आरोप लग रहे थे। नगर सैनिकों ने उन पर तानाशाही रवैये, महिला जवानों से अमर्यादित व्यवहार और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। मामला उस वक्त और गंभीर हो गया, जब नगर सैनिक संतोष पटेल को कथित रूप से शिकायत करने के बाद बर्खास्त कर दिया गया।
CG IPS News : बताया जा रहा है कि विभागीय अनियमितताओं की शिकायत करने के बाद संतोष पटेल पर दबाव बनाया गया और अंततः मानसिक रूप से परेशान होकर उन्होंने 26 जनवरी को जहर खाकर आत्महत्या की कोशिश की। इस घटना के बाद विभाग में आक्रोश फैल गया और मामला मीडिया से होते हुए शासन स्तर तक पहुंचा। बढ़ते दबाव के बाद आखिरकार जिला सेनानी अनुज एक्का को कोरबा से हटाकर रायपुर स्थित केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान में संबद्ध कर दिया गया।
CG IPS News : हालांकि, तबादले के बाद भी कई सवाल जस के तस बने हुए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई होती, तो क्या एक जवान को आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ता? इसके अलावा, आत्महत्या के प्रयास के इतने समय बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज न होना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
CG IPS News : इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह मुद्दा सामने ला दिया है कि सिस्टम में शिकायत करने वाले ही क्यों प्रताड़ित होते हैं और जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों देर से होती है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इस मामले में केवल तबादले तक सीमित रहती है या दोषी अधिकारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई भी करती है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।









