Arang Mining Crackdown: आरंग। छत्तीसगढ़ के आरंग क्षेत्र में अवैध खनन और खनिज परिवहन के खिलाफ खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रेत और गिट्टी से भरे 11 हाइवा वाहनों को जब्त किया है। देर रात तक चले इस विशेष अभियान के बाद क्षेत्र में सक्रिय खनन माफियाओं में हड़कंप की स्थिति बन गई है। विभाग ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
Arang Mining Crackdown: जानकारी के अनुसार कलेक्टर के निर्देश और खनिज विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की रणनीति के तहत आरंग एवं आसपास के क्षेत्रों में विशेष जांच अभियान चलाया गया। अभियान का नेतृत्व उप संचालक राजेश मालवे के निर्देशन एवं सहायक खनिज अधिकारी उमेश भार्गव के मार्गदर्शन में किया गया।
Arang Mining Crackdown:जांच के दौरान खनिज विभाग की टीम ने रेत से भरे 10 हाइवा और गिट्टी से भरे एक हाइवा वाहन को रोककर दस्तावेजों की जांच की। जब वाहन चालकों से रॉयल्टी पर्ची, परिवहन अनुमति और अन्य आवश्यक दस्तावेज मांगे गए तो वे कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। प्रारंभिक जांच में सभी वाहन अवैध खनिज परिवहन में संलिप्त पाए गए।
Arang Mining Crackdown:खनिज विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी 11 वाहनों को जब्त कर लिया। इसके बाद वैधानिक प्रक्रिया पूरी करते हुए वाहनों को आरंग और गिधपुरी थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। विभाग द्वारा वाहन मालिकों और संबंधित लोगों के खिलाफ छत्तीसगढ़ खनिज (उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण) नियमों के तहत कार्रवाई की जा रही है।
Arang Mining Crackdown:इस पूरी कार्रवाई में खनिज निरीक्षक प्रिया सिन्हा, सुपरवाइजर सुनील दत्त शर्मा, सिपाही संतोष पवार, लुकेश वर्मा, जितेन्द्र वर्मा, दयाराम साहू और लीलेश्वर मानिकपुरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम ने पूरी रात विभिन्न मार्गों पर निगरानी रखकर संदिग्ध वाहनों की जांच की।
Arang Mining Crackdown:खनिज विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आरंग क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रेत और मुरूम परिवहन की शिकायतें मिल रही थीं। लगातार की जा रही कार्रवाई का असर अब दिखाई देने लगा है और अवैध कारोबारियों पर दबाव बढ़ा है। विभाग ने साफ किया है कि किसी भी स्थिति में अवैध खनन और परिवहन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
Arang Mining Crackdown:प्रशासन का कहना है कि आने वाले दिनों में भी इस तरह के औचक अभियान जारी रहेंगे। अवैध खनिज कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि शासन को होने वाले राजस्व नुकसान को रोका जा सके और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।









