Dewas Marriage Scam: देवास में अनोखा मैरिज स्कैम: शादी के नाम पर 42 दूल्हों से ठगे लाखों रुपये; सज-धज कर दिनभर मंडप में बैठी रही बारात, नहीं आई एक भी दुल्हन

Dewas Marriage Scam: संवाददाता: अनिल उपाध्याय – देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले से एक ऐसा हैरान करने वाला और संगठित धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने समूचे प्रशासनिक महकमे और सामाजिक व्यवस्था को स्तब्ध कर दिया है। देवास की विख्यात माताजी टेकरी की तलहटी में स्थित राधागंज क्लब ग्राउंड पर रविवार (24 मई 2026) को उस वक्त भारी हंगामा और अफरा-तफरी मच गई, जब देश और प्रदेश के विभिन्न जिलों से सज-धज कर पहुंचे 42 दूल्हे और उनके परिजन दिनभर मंडप में बैठे रहे, लेकिन फेरे लेने के लिए एक भी दुल्हन नहीं पहुंची। अनाथ आश्रम की लड़कियों से विधिक विवाह कराने के नाम पर इस गिरोह ने बेरोजगार और सीधे-साधे युवकों से लाखों रुपये की विधिक ठगी को अंजाम दिया है। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची बैंक नोट प्रेस (BNP) थाना पुलिस ने मुख्य मध्यस्थ और उसकी पत्नी को हिरासत में ले लिया है।
सोशल मीडिया पर तस्वीरें दिखाकर बुना जाल; 4 जिलों के युवक बने शिकार
पुलिस की प्राथमिक विधिक पड़ताल और पीड़ितों के बयानों के अनुसार, इस पूरे फर्जीवाड़े का जाल सोशल मीडिया और व्यक्तिगत संपर्कों के जरिए फैलाया गया था। विदिशा जिले के शमशाबाद क्षेत्र के मनीम चौराहा निवासी मुकेशदास बैरागी और इंदौर में रहने वाले उसके सगे भाई दिनेशदास बैरागी ने मिलकर इस ठगी की विधिक साजिश रची थी।
  • ठगी का तरीका: आरोपियों ने शाजापुर, विदिशा, सीहोर और भोपाल सहित कई जिलों के विवाह योग्य युवकों को अपने जाल में फंसाया। उन्हें झांसा दिया गया कि अनाथ आश्रम की संस्कारी लड़कियों से उनका विवाह बेहद कम खर्च में करा दिया जाएगा।

  • वसूली का आंकड़ा: इसके एवज में प्रत्येक दूल्हे से विधिक और प्रशासनिक खर्च के नाम पर ₹15,000 से लेकर ₹25,000 तक की राशि एडवांस ली गई।

  • डिजिटल साक्ष्य: पीड़ितों को जाल में फंसाए रखने के लिए बकायदा फेसबुक (Facebook) और इंस्टाग्राम (Instagram) पर लड़कियों की फर्जी तस्वीरें और प्रोफाइल भेजी गई थीं। पीड़ितों को सख्त विधिक हिदायत दी गई थी कि सामूहिक विवाह सादगी से होगा, इसलिए वे अपने साथ परिवार के केवल दो-तीन सदस्य ही लेकर आएं।

माताजी टेकरी पर होना था सामूहिक विवाह; मंडप बना अखाड़ा
योजना के विधिक वादे के मुताबिक, पीड़ितों को बताया गया था कि 25 मई 2026 को देवास की प्रसिद्ध माताजी टेकरी पर भव्य सामूहिक विवाह संपन्न कराया जाएगा। तय कार्यक्रम के अनुसार, रविवार (24 मई) सुबह से ही विभिन्न जिलों से दूल्हे अपनी शेरवानी और साफा बांधकर परिजनों सहित राधागंज क्लब ग्राउंड पर जमा होने लगे।

सुबह से दोपहर और फिर देर रात तक जब कोई भी लड़की या आयोजन समिति का सदस्य मौके पर नहीं पहुंचा, तो दूल्हों का सब्र का बांध टूट गया। ठगे जाने का अहसास होते ही पीड़ितों ने मौके पर मौजूद बिचौलिए मुकेशदास बैरागी और उसकी पत्नी को विधिक रूप से घेर लिया और तत्काल देवास पुलिस को सूचना दी।

भाई ने ही भाई से किया ‘विधिक फ्रॉड’; खाते में पैसे आते ही मास्टरमाइंड हुआ फरार
हंगामे की विधिक सूचना प्राप्त होते ही बैंक नोट प्रेस (BNP) थाना प्रभारी (TI) प्रीति कटारे भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने कानून व्यवस्था को बिगड़ने से बचाया और पूछताछ के लिए मुकेशदास बैरागी व उसकी पत्नी को तत्काल हिरासत में लेकर थाने ले आई।

आरोपी मुकेशदास बैरागी का विधिक पक्ष: थाने में पूछताछ के दौरान आरोपी मुकेशदास ने खुद को बेकसूर बताते हुए अपने सगे भाई पर दोष मढ़ दिया। मुकेशदास ने बयान दिया, “मेरा भाई दिनेशदास बैरागी इंदौर में काम करता है। उसी ने मुझसे कहा था कि अनाथ लड़कियों की शादी करानी है, अगर कोई लड़के हों तो बताओ। मैंने अपनी रिश्तेदारी और जान-पहचान के माध्यम से 40 से अधिक दूल्हे तलाश किए और उन सभी से पैसे लेकर सीधे दिनेशदास के बैंक खाते में आरटीजीएस/ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। पैसे मिलते ही दिनेश ने अपना फोन बंद कर लिया और भाग गया। दिनेशदास ने दूल्हों के साथ-साथ मेरे साथ भी बड़ा विधिक फ्रॉड किया है।”

पीड़ितों की आपबीती और टीआई (TI) प्रीति कटारे का विधिक वक्तव्य
थाने पहुंचे पीड़ितों ने अपनी विधिक शिकायत दर्ज कराते हुए पुलिस को पूरी आपबीती सुनाई:
  • पीड़ित राहुल मीना (निवासी अरनियां कलां, शाजापुर): “मुझसे शादी कराने के नाम पर ₹25,000 नकद लिए गए थे और कहा गया था कि बारात लेकर सीधे देवास पहुंचना। यहां आकर पता चला कि हमारे अरमानों के साथ खिलवाड़ हुआ है।”

  • पीड़ित ओमप्रकाश प्रजापति (निवासी भोपाल): “मैंने ₹15,000 दिए थे। हमें एक दिन पहले ही 24 मई को देवास बुला लिया गया ताकि कोई शक न करे। हमारी पूरी सामाजिक प्रतिष्ठा दांव पर लग गई है।”

मामले की विधिक कमान संभाल रहीं बीएनपी थाना प्रभारी (TI) प्रीति कटारे ने बताया:
“लगभग 42 युवकों से शादी के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी का आवेदन प्राप्त हुआ है। शुरुआती विधिक जांच में बड़े वित्तीय फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई है। हिरासत में लिए गए मुकेशदास बैरागी और उसके भाई दिनेशदास के बैंक खातों के ट्रांजैक्शन की विधिक हिस्ट्री खंगाली जा रही है। मुख्य आरोपी दिनेशदास की गिरफ्तारी के लिए इंदौर और विदिशा में पुलिस टीमें रवाना कर दी गई हैं। सभी पीड़ितों के विधिक बयान दर्ज कर जल्द ही आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी (IPC/BNS की सुसंगत धाराओं) के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
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