Bhopal Disha Meeting: भोपाल। राजधानी भोपाल के कलेक्टर कार्यालय में आयोजित ‘दिशा’ (जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति) की बैठक उस समय विवादों में घिर गई, जब विकास कार्यों पर चर्चा के दौरान जनप्रतिनिधियों के बीच तीखी बहस ने सियासी टकराव का रूप ले लिया। शहर की बदहाल सड़कों, अधूरे विकास कार्यों और मास्टर प्लान को लेकर शुरू हुई चर्चा देखते ही देखते आरोप-प्रत्यारोप और तीखी नोकझोंक में बदल गई।
स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब बैठक के दौरान कांग्रेस विधायकों और जनपद अध्यक्ष के बीच कथित रूप से अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और आतिफ अकील ने बैठक का बहिष्कार करते हुए वॉकआउट कर दिया।
खस्ताहाल सड़कों और अधूरे विकास कार्यों पर उठे सवाल
Bhopal Disha Meeting: बैठक की शुरुआत में जनप्रतिनिधियों ने भोपाल की खराब सड़कों, बार-बार हो रही खुदाई और विकास कार्यों में समन्वय की कमी पर नाराजगी जताई।दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूरा शहर खुदाई से प्रभावित है और जनता परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधियों को यह तक जानकारी नहीं दी जाती कि किस क्षेत्र में कौन-सा विकास कार्य चल रहा है।उन्होंने यह भी कहा कि एक सड़क बनने के बाद दूसरी एजेंसी उसी सड़क को दोबारा खोद देती है, जिससे सरकारी धन की बर्बादी और आम लोगों को परेशानी दोनों बढ़ रही हैं।
अमृत 2.0 योजना पर भी उठे सवाल
बैठक में अमृत 2.0 योजना के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति पर भी सवाल उठाए गए। इस दौरान भोपाल नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने स्वीकार किया कि जमीनी स्तर पर कई चुनौतियां हैं और विभिन्न परियोजनाओं के क्रियान्वयन में समस्याएं सामने आ रही हैं।
‘औकात में रहो’ और ‘राजपूत हूं… निपट लूंगा’ जैसे कथित बयान से बढ़ा विवाद
Bhopal Disha Meeting: बैठक के दौरान जब भोपाल के मास्टर प्लान पर चर्चा शुरू हुई, तब माहौल और अधिक गरमा गया। इसी दौरान कांग्रेस विधायकों और जनपद अध्यक्ष प्रमोद राजपूत के बीच तीखी बहस हो गई।कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि बहस के दौरान प्रमोद राजपूत ने आरिफ मसूद और आतिफ अकील से कथित तौर पर “औकात में रहो” कहा। आरोप यह भी है कि उन्होंने आगे “बदमाशी भी कर लूंगा… राजपूत हूं, निपट लूंगा” जैसी धमकी भरी टिप्पणी की।बताया जा रहा है कि यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में भी रिकॉर्ड हुआ है।
नाराज कांग्रेस विधायकों ने किया वॉकआउट
कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों से नाराज कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और आतिफ अकील बैठक बीच में ही छोड़कर बाहर निकल गए। उनके वॉकआउट के बाद बैठक का माहौल पूरी तरह राजनीतिक हो गया।
आरिफ मसूद बोले- यह विशेषाधिकार का हनन
बैठक से बाहर आने के बाद विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता।उन्होंने आरोप लगाया कि बैठक में उनके साथ बदसलूकी और अपमान किया गया, जो एक विधायक के विशेषाधिकार का उल्लंघन है।आरिफ मसूद ने कहा कि वह इस पूरे मामले की लिखित शिकायत विधानसभा अध्यक्ष से करेंगे और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग करेंगे।
बैठक में मौजूद थे कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी
Bhopal Disha Meeting: दिशा समिति की बैठक में भोपाल सांसद आलोक शर्मा, भाजपा विधायक भगवानदास सबनानी, कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद, आतिफ अकील, भोपाल कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
अब राजनीतिक घमासान तेज होने के आसार
बैठक में हुई तीखी नोकझोंक और कथित धमकी के बाद यह मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता नजर आ रहा है। एक ओर कांग्रेस इसे जनप्रतिनिधियों का अपमान और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन बता रही है, वहीं इस मामले पर दूसरे पक्ष की विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है।यदि इस प्रकरण की शिकायत विधानसभा अध्यक्ष तक पहुंचती है, तो आने वाले दिनों में यह मामला विधानसभा और प्रदेश की राजनीति में भी गूंज सकता है।







