Coal Levy Scam: कोल लेवी घोटाला: EOW का दावा- पार्टी फंड के नाम पर 800 करोड़ जुटाए, रामगोपाल अग्रवाल पर गंभीर आरोप

Sanjay Sahu
Coal Levy Scam

Coal Levy Scam: रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित कोल लेवी घोटाले में गिरफ्तार कांग्रेस के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल पर आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने गंभीर आरोप लगाए हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि पार्टी फंड के नाम पर करीब 800 करोड़ रुपये जुटाए गए और इस रकम के प्रबंधन में रामगोपाल अग्रवाल की अहम भूमिका थी।

Coal Levy Scam: EOW के अनुसार, कथित तौर पर यह राशि बोरी और कार्टन में भरकर कांग्रेस भवन लाई जाती थी। इसके बाद हवाला नेटवर्क के जरिए रकम दिल्ली भेजी जाती थी। एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच में कई दस्तावेज और बयान सामने आए हैं।

Coal Levy Scam: जांच एजेंसी ने कोर्ट में पेश दस्तावेजों में दावा किया है कि कांग्रेस के अकाउंटेंट और रामगोपाल अग्रवाल के निजी सहायक देवेंद्र डड़सेना ने अपने बयान में कहा कि कथित कोल लेवी की राशि कांग्रेस भवन पहुंचती थी और उसका नियंत्रण रामगोपाल अग्रवाल के पास रहता था।

Coal Levy Scam: EOW का यह भी दावा है कि कोल लेवी से 52 करोड़ 62 लाख 20 हजार रुपये सीधे रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचे। एजेंसी के अनुसार, इस रकम को लेने, संभालने और इस्तेमाल करने का काम उन्होंने किया।

Coal Levy Scam: जांच के दौरान भिलाई के कारोबारी लक्ष्मीनारायण बंसल उर्फ पप्पू और कारोबारी निखिल चंद्राकर के बयानों का भी हवाला दिया गया है। EOW के मुताबिक, दोनों ने अपने बयान में कोल लेवी की रकम कांग्रेस भवन और रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचने की बात कही है।

Coal Levy Scam: जांच में यह भी सामने आया कि रायपुर छोड़ने के बाद रामगोपाल अग्रवाल ओडिशा, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, राजस्थान, मध्यप्रदेश और दिल्ली समेत आठ राज्यों में रहे। इस दौरान उन्होंने पुरी, वाराणसी और प्रयागराज जैसे धार्मिक स्थलों के दर्शन किए और विशेष पूजा भी कराई। एजेंसी का दावा है कि फरारी के दौरान भी वे परिवार, कुछ नेताओं और कारोबारियों के संपर्क में थे।

Coal Levy Scam: EOW के अनुसार, इस मामले का खुलासा 30 जून 2022 को कोल कारोबारी सूर्यकांत तिवारी और उसके सहयोगियों के यहां आयकर विभाग की छापेमारी के दौरान मिला था। बरामद डायरी और दस्तावेजों के आधार पर बाद में ED की रिपोर्ट पर EOW ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। रामगोपाल अग्रवाल ने 8 जुलाई 2026 को सरेंडर किया था। इसके बाद 9 जुलाई को उन्हें विशेष अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 17 जुलाई तक EOW की रिमांड पर भेजा है। जांच एजेंसी का कहना है कि पूछताछ के आधार पर कस्टम मिलिंग, डीएमएफ और शराब घोटाले से जुड़े मामलों में भी आगे कार्रवाई की जा सकती है।

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