Bihar Election 2025/समस्तीपुरः बिहार विधानसभा चुनाव के बीच शनिवार को एक सनसनीखेज मामला सामने आया। समस्तीपुर जिले के सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र के शीतलपट्टी गांव के पास हजारों वीवीपैट (VVPAT) पर्चियां कूड़े में फेंकी हुई मिलीं, जिसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। ये वही क्षेत्र है जहां 6 नवंबर को मतदान हुआ था।
Bihar Election 2025 स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे पड़ी इन पर्चियों को देखकर प्रशासन को सूचना दी। मौके पर जिलाधिकारी समेत प्रशासनिक टीम पहुंची और जांच शुरू की।
चुनाव आयोग ने बताया मॉक पोल की पर्चियां
Bihar Election 2025 मामले ने राजनीतिक रंग लेते हुए बड़ा मोड़ तब लिया जब चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि ये पर्चियां मॉक पोल (प्रायोगिक मतदान) के दौरान की हैं। आयोग ने कहा कि इससे मतदान की निष्पक्षता पर कोई असर नहीं पड़ा है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने समस्तीपुर के डीएम को मौके पर जाकर विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने बताया कि संबंधित सहायक रिटर्निंग ऑफिसर (ARO) की लापरवाही सामने आई है, इसलिए उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश भी दिया गया है।
आरजेडी ने उठाए सवाल, आयोग पर साधा निशाना
वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इस मामले पर चुनाव आयोग और सरकार दोनों पर निशाना साधा है। पार्टी ने अपने आधिकारिक X (ट्विटर) अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा— “समस्तीपुर के सरायरंजन विधानसभा क्षेत्र में सड़क पर भारी मात्रा में वीवीपैट पर्चियां मिली हैं। आखिर यह किसके इशारे पर हुआ? क्या लोकतंत्र की डकैती हो रही है?”
Bihar Election 2025 आरजेडी नेताओं ने मांग की है कि इस घटना की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए ताकि यह साफ हो सके कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में पर्चियां सार्वजनिक स्थान पर कैसे पहुंचीं।
प्रशासन ने दी कार्रवाई की जानकारी
जिलाधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान यह पाया गया कि यह घटना मतदान से पहले की है और मॉक पोल के बाद हुई लापरवाही के कारण पर्चियों को सही तरीके से नष्ट नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि “चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित है और इस घटना से वास्तविक मतदान पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।”









