Monday, September 14, 2026
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सुप्रीम कोर्ट से अक्षय कांति बम को बड़ी राहत! हटाई गई धारा 307

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क :  इंदौर के चर्चित अक्षय कांति बम और उनके पिता कांतिलाल बम को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है। देश की सर्वोच्च अदालत ने उनके खिलाफ लगाए गए भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या के प्रयास) को हटाने का आदेश दिया है। इस फैसले के बाद दोनों इस गंभीर आरोप से पूरी तरह मुक्त हो गए हैं।

क्या था पूरा मामला

यह मामला 4 अक्टूबर 2007 की एक घटना से जुड़ा है। उस समय इस केस में हत्या के प्रयास की धारा नहीं लगाई गई थी। हालांकि 2024 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले इस मामले में धारा 307 और 149 जोड़ने के लिए आवेदन किया गया, जिसे सेशन कोर्ट और बाद में हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया था।
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हाईकोर्ट ने खारिज की थी याचिका

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने अक्षय कांति बम की याचिका को खारिज करते हुए ट्रायल जारी रखने का आदेश दिया था। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि प्रारंभिक साक्ष्यों में आरोपी द्वारा हथियार के उपयोग और गोली चलाने का उल्लेख है, जिसके आधार पर धारा 307 लागू करना उचित है।

सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत

बम परिवार ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। विस्तृत सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने धारा 307 हटाने का फैसला सुनाया। इस निर्णय के साथ ही अक्षय कांति बम और उनके पिता को बड़ी राहत मिली और लंबे समय से चल रहे इस केस में नया मोड़ आ गया।

राजनीतिक एंगल भी आया सामने

अक्षय कांति बम ने पहले आरोप लगाया था कि यह मामला राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। उन्होंने दावा किया था कि लोकसभा चुनाव के दौरान उन्हें निशाना बनाने के लिए यह कदम उठाया गया। हालांकि बाद में उनके शपथ पत्र और याचिका में बदलाव भी चर्चा का विषय बना रहा।

लंबी कानूनी लड़ाई का अंत

करीब दो वर्षों तक चले इस कानूनी संघर्ष के बाद सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने पूरे मामले पर विराम लगा दिया है। यह निर्णय न केवल बम परिवार के लिए राहत भरा है, बल्कि कानूनी प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में भी देखा जा रहा है।

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