Janjgir-Champa Crime: जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में पुलिस ने ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरजिला नेटवर्क का खुलासा किया है। साइबर थाना पुलिस ने BDG ऑनलाइन सट्टा ऐप के जरिए कथित तौर पर सट्टा संचालित करने वाले मास्टर एडमिन समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, सट्टा ऐप की आईडी, स्क्रीनशॉट, व्हाट्सऐप चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं।
मुखबिर की सूचना से खुला नेटवर्क
पुलिस के मुताबिक, साइबर जागृति अभियान के दौरान ऑनलाइन सट्टे और संदिग्ध APK फाइलों को लेकर लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस को BDG ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के बारे में जानकारी मिली।
सूचना के आधार पर पुलिस को न्यू चंदनियापारा लिंक रोड निवासी हेमलाल यादव उर्फ सोनू के ऑनलाइन सट्टा संचालित करने की जानकारी मिली। तस्दीक के बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए हेमलाल को हिरासत में लिया।
पूछताछ में सामने आया मास्टर एडमिन का नाम
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में हेमलाल ने BDG ऑनलाइन सट्टा गेम और उससे जुड़े नेटवर्क के बारे में जानकारी दी। उसने बताया कि उसे सट्टे की आईडी शैलेंद्र कुमार शर्मा उर्फ शैलू से मिली थी।
जांच में पुलिस को पता चला कि शैलेंद्र कथित तौर पर इस नेटवर्क का मुख्य एडमिन था। वह व्हाट्सऐप के जरिए BDG ऐप की मास्टर आईडी और लिंक दूसरे लोगों तक पहुंचाता था और नए लोगों को नेटवर्क से जोड़ता था।
नेटवर्क मार्केटिंग की तरह चलता था कारोबार
पुलिस जांच में सामने आया कि कथित सट्टा नेटवर्क में लोगों को जोड़ने के लिए कमीशन का सिस्टम इस्तेमाल किया जाता था। नेटवर्क में नीचे के स्तर पर नए लोगों को जोड़ने वाले एडमिन को कमीशन मिलता था। वहीं, उसके नेटवर्क से जुड़े लोग जितना सट्टा खेलते थे, उसके आधार पर ऊपर के एडमिन को भी कमीशन मिलने की बात सामने आई है।
चार अन्य आरोपी भी गिरफ्तार
तकनीकी साक्ष्यों और हेमलाल के बयान के आधार पर पुलिस ने मुख्य एडमिन शैलेंद्र कुमार शर्मा को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर महेश प्रसाद राठौर, राकेश कुमार राठौर, दुर्गेश कुमार राठौर और हीरालाल यादव को भी गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच की, जिसमें सट्टा ऐप की आईडी, स्क्रीनशॉट, चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्य मिलने की बात कही गई है। पुलिस के मुताबिक, शैलेंद्र करीब 20 लाख रुपये का ऑनलाइन सट्टा खेल चुका था और लिंक के जरिए कई अन्य लोगों को नेटवर्क से जोड़ चुका था।
30 लाख से ज्यादा के लेन-देन के सबूत
जांच के दौरान पुलिस को ऑनलाइन सट्टे से जुड़े पैसों के लेन-देन में डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल के साक्ष्य मिले हैं। व्हाट्सऐप चैट के अलावा USDT यानी क्रिप्टो डिजिटल करेंसी के जरिए लेन-देन के सबूत मिलने की बात भी पुलिस ने कही है।
आरोपियों के बैंक खातों में 30 लाख रुपये से अधिक के लेन-देन की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने स्मार्टफोन, सट्टा ऐप की आईडी, स्क्रीनशॉट और चैट समेत कई डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। नेटवर्क के दूसरे राज्यों से जुड़े होने की भी जांच की जा रही है।
Janjgir-Champa Crime: जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज
Janjgir-Champa Crime: पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की धारा 7 और BNS की धारा 112(2) के तहत मामला दर्ज किया है। सभी आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। पुलिस का कहना है कि ऑनलाइन सट्टे से जुड़े नेटवर्क और उसके अन्य कनेक्शन की जांच जारी है। पुलिस ने लोगों से ऑनलाइन सट्टा, जुआ और ऐप आधारित वित्तीय धोखाधड़ी से बचने की अपील की है। साथ ही अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने और संदिग्ध APK फाइल डाउनलोड नहीं करने की सलाह दी है।






