निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (28 मार्च) को उत्तर प्रदेश के नोएडा में स्थित इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन कर दिया। यह देश का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जिसके शुरू होते ही NCR को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
NCR को मिला दूसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट
इस एयरपोर्ट के संचालन के साथ ही दिल्ली-NCR को दूसरा इंटरनेशनल हवाई अड्डा मिल गया है। इससे इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट और हिंडन एयरपोर्ट पर यात्रियों का दबाव कम होगा।
30 उड़ानों के साथ शुरुआत
एयरपोर्ट के पहले चरण में तीन देशों समेत करीब 30 उड़ानें शुरू की जा रही हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को बड़ा बढ़ावा मिलेगा और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी।
#WATCH | Greater Noida: Prime Minister Narendra Modi says, “…Today, we are starting a new chapter of the ‘Viksit UP, Viksit Bharat’ campaign. Today, the biggest state in the country has become the state with the most international airports. Today, there are two reasons for my… https://t.co/KoUZUVeuV0 pic.twitter.com/cxpJFQ7LWM
— ANI (@ANI) March 28, 2026
PM मोदी का संबोधन
उद्घाटन समारोह में पीएम मोदी ने कहा कि यह ‘विकसित UP, विकसित भारत’ अभियान का नया अध्याय है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब देश का सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों वाला राज्य बन गया है।
सीएम योगी का बयान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे ‘न्यू इंडिया’ की दिशा में बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से उत्तर प्रदेश अब वैश्विक विमानन मानचित्र पर अपनी नई पहचान बना रहा है।
#WATCH | Greater Noida: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath says, “Prime Minister, over the last 11–12 years, you have taken significant steps to move ‘New India’ toward the goal of a ‘Developed India’ across every sector. The Noida International Airport is a vital part… pic.twitter.com/n9a4OOoqug
— ANI (@ANI) March 28, 2026
विपक्ष पर निशाना
सीएम योगी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले विकास में बाधाएं थीं, लेकिन अब तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हो रहा है और राज्य आगे बढ़ रहा है।
आधुनिक और ग्रीन एयरपोर्ट
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को अत्याधुनिक तकनीक और पर्यावरण अनुकूल डिजाइन के साथ तैयार किया गया है। इसमें नेट जीरो एमिशन का लक्ष्य रखा गया है और भारतीय संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी।
कार्गो और MRO सुविधाएं
इस एयरपोर्ट पर कार्गो सेवाएं और MRO (Maintenance, Repair and Overhaul) सेंटर भी विकसित किया जाएगा। इससे व्यापार और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी मजबूती मिलेगी।
पहले चरण में बड़ा निवेश
एयरपोर्ट का पहला चरण 1334 हेक्टेयर में विकसित किया गया है, जिस पर करीब 11,200 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। भविष्य में इसकी क्षमता और भी बढ़ाई जाएगी, जिससे यह भारत के सबसे बड़े एविएशन हब के रूप में उभरेगा।











