Saturday, August 15, 2026
Home Business भारत का तेल भंडार सिर्फ 5 दिन का? CAG रिपोर्ट में खुलासा…...

भारत का तेल भंडार सिर्फ 5 दिन का? CAG रिपोर्ट में खुलासा… बढ़ी टेंशन, लोगों में घबराहट

0
143

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : भारत के रणनीतिक तेल भंडार को लेकर एक अहम जानकारी सामने आई है, जिसने ऊर्जा सुरक्षा पर बहस छेड़ दी है। एक विश्लेषण के अनुसार, देश के पास मौजूद रणनीतिक भंडार मौजूदा खपत के हिसाब से केवल करीब 5 दिन की मांग ही पूरी कर सकते हैं।

CAG रिपोर्ट में खुलासा

कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल (CAG) की 2025 की ऑडिट रिपोर्ट में भी यह सामने आया है कि देश की तेल भंडारण सुविधाओं का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है। कई वर्षों से इन भंडारों का एक बड़ा हिस्सा खाली पड़ा है, जिससे आपात स्थिति में जोखिम बढ़ सकता है।

सरकार ने दिया भरोसा

हालांकि, केंद्र सरकार ने किसी भी तरह की कमी से इनकार किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में कहा कि देश के पास पर्याप्त कच्चा तेल मौजूद है और आयात के स्रोतों को भी विविध बनाया गया है।पेट्रोलियम राज्य मंत्री के अनुसार, वर्तमान में कुल क्षमता का लगभग 64% हिस्सा भरा हुआ है।

cag report

कितनी है भंडारण क्षमता?

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत के पास आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में स्थित तीन स्थानों पर करीब 5.33 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) कच्चा तेल रखने की क्षमता है, जिसमें से लगभग 3.37 MMT भरा हुआ है।

5 दिन बनाम 74 दिन का गणित

भारत रोजाना लगभग 0.67 MMT तेल की खपत करता है। इस हिसाब से रणनीतिक भंडार केवल 5 दिन के लिए पर्याप्त हैं।हालांकि, तेल कंपनियों के स्टॉक को जोड़ लिया जाए तो कुल मिलाकर देश के पास करीब 74 दिनों की मांग के बराबर तेल उपलब्ध है।

Read More : C.G News : बस्तर में नक्सलवाद खत्म होने के करीब! 96% इलाका नक्सलमुक्त… 31 मार्च की डेडलाइन से पहले नक्सली कर रहे सरेंडर

आयात पर भारी निर्भरता

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता है और अपनी जरूरतों का 88% से अधिक आयात करता है। इसमें से आधे से ज्यादा तेल मिडिल ईस्ट के देशों से आता है, जिससे क्षेत्रीय संकट का सीधा असर भारत पर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों की चेतावनी

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा भंडार पर्याप्त नहीं हैं। आईसीआरए के अनुसार, आयात पर निर्भरता भारत की कमजोरी है। वहीं ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि केवल भंडारण बढ़ाना ही समाधान नहीं, बल्कि नवीकरणीय ऊर्जा को भी बढ़ावा देना जरूरी है।

भंडारण क्षमता बढ़ाने में देरी

CAG रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भंडारण क्षमता बढ़ाने की रफ्तार धीमी है। जहां 19 दिन के आयात का लक्ष्य रखा गया था, वहां अब तक केवल करीब 7.88 दिन की क्षमता ही विकसित हो पाई है।

वैश्विक तुलना में पीछे भारत

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) 90 दिन के आयात के बराबर भंडार रखने की सलाह देती है। जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों के पास 200 दिन तक का स्टॉक है, जबकि चीन के पास करीब 120 दिन का भंडार है। इसके मुकाबले भारत की स्थिति अभी कमजोर मानी जा रही है।

आगे की राह

ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए भारत को न केवल अपने रणनीतिक भंडार बढ़ाने होंगे, बल्कि वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर भी तेजी से काम करना होगा। सही समय पर नीति और निवेश ही भविष्य के संकट से बचाव का रास्ता तय करेंगे।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here