Indore Police Station Ranking : इंदौर। इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह की एक अनूठी पहल ने शहर के थानों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और जवाबदेही का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिसिंग को अधिक पारदर्शी और जनता के प्रति उत्तरदायी बनाने के लिए शुरू की गई ‘मानकीकृत मूल्यांकन प्रणाली’ के फरवरी माह के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। इस रैंकिंग में ज़ोन-03 के बाणगंगा थाने ने बाजी मारते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जबकि ज़ोन-04 का पंढरीनाथ थाना सबसे अंतिम पायदान पर रहा है।
इन मापदंडों पर परखी गई थानों की ‘चाल’
यह मूल्यांकन केवल कागजी नहीं, बल्कि धरातल पर किए गए कार्यों के आधार पर किया गया है। डीसीपी की अध्यक्षता वाली कमेटी ने निम्नलिखित पैरामीटर्स को आधार बनाया:
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कार्य निष्पादन: अपराधों पर नियंत्रण और लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण।
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जनसंतुष्टि: थाने आने वाले फरियादियों के साथ व्यवहार और उनकी शिकायतों पर की गई सुनवाई।
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नवाचार: आमजन की सुरक्षा और सुविधा के लिए थाने स्तर पर किए गए नए प्रयास।
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पारदर्शिता: कार्यों में जवाबदेही और पुलिसिंग के मानकों का पालन।
पलासिया दूसरे स्थान पर, पंढरीनाथ को सुधार की जरूरत
एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि इस रैंकिंग सिस्टम का मुख्य उद्देश्य जनता को बेहतर सुविधा प्रदान करना है।
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बाणगंगा थाना: बेहतर परफॉर्मेंस और जनसुनवाई में अव्वल रहने के कारण प्रथम स्थान पर रहा।
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पलासिया थाना: अपनी सक्रियता और नवाचारों के चलते दूसरे स्थान पर जगह बनाने में कामयाब रहा।
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पंढरीनाथ थाना: औसत कार्यवाही और निर्धारित मानकों पर पिछड़ने के कारण सबसे अंतिम (32वें) स्थान पर रहा।

पिछड़ने वाले थानों को मिलेगी ‘स्पेशल ट्रेनिंग’
पुलिस प्रशासन इस रैंकिंग को केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रख रहा है। एडिशनल डीसीपी ने स्पष्ट किया कि जिन थानों का प्रदर्शन औसत या खराब रहा है, उन्हें दंडित करने के बजाय सुधारा जाएगा। आने वाले समय में अंतिम पायदान पर रहने वाले थानों के स्टाफ और प्रभारियों को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे अपनी कमियों को दूर कर जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतर सकें।









