Collector Nupur Rashi Panna : माकड़ी (रोशन सेन)। कलेक्टर सुश्री नूपुर राशि पन्ना ने गुरुवार को माकड़ी विकासखंड के विभिन्न ग्रामों का सघन दौरा कर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और निर्माणाधीन कार्यों की जमीनी हकीकत परखी। इस दौरान उन्होंने शिक्षा, पेयजल और बैंकिंग सुविधाओं से जुड़े प्रोजेक्ट्स का निरीक्षण किया और अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
स्कूल और गोदाम निर्माण का बारीकी से अवलोकन
निरीक्षण की शुरुआत ग्राम छिनारी से हुई, जहाँ कलेक्टर ने निर्माणाधीन शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल भवन का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण एजेंसी को कार्य में तेजी लाने और इसे निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके बाद ग्राम क्षमतापुर में गोदाम निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हुए उन्होंने सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा।
ग्राम बड़ेसोहंगा में शासकीय प्राथमिक शाला भवन की जर्जर स्थिति को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल छत की मरम्मत हेतु आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी को दिए, ताकि बच्चों की पढ़ाई में कोई बाधा न आए।
जल जीवन मिशन: ग्रामीणों से सीधा संवाद
ग्राम हिरलाभाट पहुँचकर कलेक्टर ने ‘जल जीवन मिशन’ के कार्यों का भौतिक सत्यापन किया। उन्होंने न केवल पाइपलाइन और स्टैंड पोस्ट देखे, बल्कि ग्रामीणों से सीधे चर्चा कर पूछा— “क्या हर घर तक पानी पहुँच रहा है?” ग्रामीणों द्वारा बताई गई तकनीकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने पीएचई (PHE) विभाग को तत्काल निराकरण कर शुद्ध पेयजल की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के आदेश दिए।
किसानों की सुविधा: एटीएम की समस्या का होगा समाधान
ग्राम अमरावती में किसानों की समस्याओं को देखते हुए कलेक्टर ने जिला सहकारी बैंक के एटीएम का निरीक्षण किया। यहाँ ‘लो वोल्टेज’ के कारण एटीएम संचालन में आ रही दिक्कतों पर उन्होंने सहकारिता विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि इस तकनीकी समस्या को तुरंत दूर किया जाए ताकि किसानों को अपनी राशि निकालने में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
प्रशासनिक अमला रहा मौजूद
दौरे के दौरान जिला पंचायत सीईओ अविनाश भोई, एसडीएम अजय उरांव, तहसीलदार अंकुर रात्रे, जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती भारती प्रधान, और डीएमसी ईमल बघेल सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से मैदानी क्षेत्रों का भ्रमण कर विकास कार्यों की मॉनिटरिंग करें।











