Raigarh Police Operation Talash : रायगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए गए “ऑपरेशन तलाश” (10 से 15 मार्च) ने जिले के अपराधियों में हड़कंप मचा दिया है। इस अभियान के दौरान पुलिस की विभिन्न टीमों ने सक्रियता दिखाते हुए 141 स्थायी और 105 गिरफ्तारी वारंटों की तामिली की है। लंबे समय से कानून की नजरों से बच रहे आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस ने हर थाना क्षेत्र में विशेष दबिश दी।
अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश अभियान की सबसे बड़ी सफलता कोतवाली पुलिस को तब मिली, जब उन्होंने ओडिशा के दो शातिर वारंटियों—दशरथ विश्वाल और सरोज बेहरा को गिरफ्तार किया। ये दोनों आरोपी किस्तों पर ट्रैक्टर खरीदकर बिना भुगतान किए फरार हो गए थे। दशरथ के खिलाफ कोतवाली और चक्रधरनगर थानों में कुल 37 स्थायी वारंट, जबकि सरोज के खिलाफ 19 स्थायी वारंट लंबित थे। इन आरोपियों की गिरफ्तारी ने पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की है।
थानावार कार्रवाई का ब्यौरा अभियान के दौरान जिले के सभी थानों ने सक्रिय भूमिका निभाई। कोतवाली थाने ने सर्वाधिक 44 वारंटों की तामिली की, वहीं चक्रधरनगर थाने ने 49, छाल ने 25, पुसौर ने 15, लैलूंगा ने 15, धरमजयगढ़ ने 15, कोतरारोड़ ने 10, खरसिया ने 10, कापू ने 10, तमनार ने 6 और पूंजीपथरा थाने ने 5 वारंटों का निपटारा किया। इसके अलावा गांजा तस्करी और मारपीट जैसे गंभीर मामलों में भी आरोपियों को जेल भेजा गया है।
45 दिनों में 1467 वारंटों का निष्पादन एसएसपी शशि मोहन सिंह के कार्यभार संभालने के बाद से रायगढ़ पुलिस लगातार अपराधियों के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाए हुए है। पिछले 45 दिनों के आंकड़ों पर गौर करें तो रायगढ़ पुलिस ने कुल 1467 वारंट तामील किए हैं, जिसमें 256 स्थायी वारंटी और 1211 गिरफ्तारी वारंटी शामिल हैं। यह आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि जिले में अब अपराधियों के लिए छिपना मुश्किल होता जा रहा है।
सख्त संदेश: ‘कोई भी कानून से ऊपर नहीं’ एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि फरार आरोपियों और वारंटियों के खिलाफ यह अभियान इसी प्रकार निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने पुलिस टीमों को निर्देश दिए हैं कि वे पुराने लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के साथ निपटाएं ताकि न्यायालयीन प्रक्रियाओं में तेजी आ सके। पुलिस की इस सक्रियता से आम नागरिकों में कानून के प्रति भरोसा बढ़ा है।











