मारकर फेंक देंगे गंगा में… बंगाल में री-पोलिंग के बीच बवाल! हिंदू ग्रामीणों ने लगाए धमकी के आरोप

Rahul Goshwami

कोलकाता :  पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के दौरान कथित अनियमितताओं और EVM गड़बड़ी की शिकायतों के बाद चुनाव आयोग ने दक्षिण 24 परगना जिले के 15 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराने का फैसला लिया है।शनिवार सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हुआ और बड़ी संख्या में मतदाता वोट डालने के लिए पोलिंग बूथों पर पहुंच रहे हैं।

फाल्टा इलाके में विरोध प्रदर्शन

री-पोलिंग के बीच दक्षिण 24 परगना के फाल्टा सब डिवीजन स्थित हसीमपुर इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। यहां स्थानीय हिंदू ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया।ग्रामीणों का आरोप है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पंचायत प्रधान इसराफिल चोंकदार की ओर से उन्हें धमकाया जा रहा है।

जान से मारने और घर जलाने की धमकी का आरोप

प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि उन्हें जान से मारने और गंगा में फेंकने जैसी धमकियां दी गईं।स्थानीय महिलाओं ने आरोप लगाया कि वे किसी राजनीतिक दल से जुड़ी नहीं हैं, लेकिन हिंदू होने के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि बीजेपी को वोट देने के शक में उन्हें डराया और प्रताड़ित किया जा रहा है।एक महिला ने आरोप लगाया कि उन्हें घर जलाने और खून-खराबे की धमकी दी गई।

इलाके में पुलिस बल तैनात

स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से सुरक्षा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
Read more : Jabalpur News : बरगी डैम हादसा- 40 घंटे बाद सामने आया क्रूज कैप्टन, पुलिस ने किया गिरफ्तार

किन सीटों पर हो रही री-पोलिंग?

निर्वाचन आयोग ने मगराहाट वेस्ट और डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्रों के कुल 15 मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान का आदेश दिया है।इनमें मगराहाट वेस्ट के 11 और डायमंड हार्बर के 4 बूथ शामिल हैं। आयोग को कुल 77 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान की मांग मिली थी।

सुप्रीम कोर्ट से TMC को झटका

मतगणना से पहले तृणमूल कांग्रेस को सुप्रीम कोर्ट से भी झटका लगा है। कोर्ट ने मतगणना केंद्रों पर केंद्रीय कर्मचारियों की तैनाती के खिलाफ दायर TMC की याचिका खारिज कर दी।सुप्रीम Court ने कहा कि चुनाव आयोग को कर्मचारियों की नियुक्ति का अधिकार है और इसमें किसी नए आदेश की आवश्यकता नहीं है।

चुनाव आयोग ने बढ़ाई निगरानी

चुनाव आयोग ने कहा है कि निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करने के लिए प्रभावित इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।

Share The News
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *