Indore Elevated Corridor : इंदौर। मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर के यातायात को सुगम बनाने के लिए प्रस्तावित और निर्माणाधीन एलिवेटेड कॉरिडोर को लेकर गुरुवार को रेसीडेंसी कोठी पर एक बड़ी समीक्षा बैठक आयोजित की गई। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति, निर्माण में आ रही तकनीकी चुनौतियों और समय सीमा के भीतर काम पूरा करने को लेकर गहन मंथन किया गया।
बैठक में इंदौर के सांसद शंकर लालवानी के साथ विधायक गोलू शुक्ला और मधु वर्मा भी मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों ने प्रोजेक्ट से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने सुझाव दिए और अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि निर्माण कार्य के दौरान आम जनता को कम से कम असुविधा हो। मंत्री विजयवर्गीय ने स्पष्ट किया कि इंदौर की बढ़ती आबादी और वाहनों के दबाव को देखते हुए यह कॉरिडोर शहर की लाइफलाइन साबित होगा, इसलिए इसकी गुणवत्ता और रफ्तार से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
समीक्षा के दौरान जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) और इंदौर मेट्रो के अधिकारी भी शामिल हुए। बैठक का मुख्य फोकस कॉरिडोर और मेट्रो पिलर्स के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था, ताकि भविष्य में कोई तकनीकी अड़चन न आए। अधिकारियों ने प्रोजेक्ट की प्रगति की प्रेजेंटेशन दी और जमीन अधिग्रहण व बिजली लाइनों की शिफ्टिंग जैसी चुनौतियों से मंत्रियों को अवगत कराया।
कैलाश विजयवर्गीय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे विभिन्न विभागों के बीच तालमेल बढ़ाएं और साप्ताहिक आधार पर प्रगति की रिपोर्ट तैयार करें। सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि कॉरिडोर का निर्माण पूरा होने के बाद इंदौर के प्रमुख चौराहों पर लगने वाले भारी जाम से मुक्ति मिलेगी और यात्रा का समय 30 से 40 प्रतिशत तक कम हो जाएगा। बैठक के अंत में सभी विभागों को एक निश्चित समय सीमा के भीतर पाइपलाइन और केबल शिफ्टिंग का काम पूरा करने की डेडलाइन दी गई है।









