Raipur DEO Office Fire Investigation : रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में शनिवार को लगी भीषण आग ने शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया है। इस घटना में विभाग के कई अत्यंत महत्वपूर्ण और गोपनीय दस्तावेजों के स्वाहा होने की खबर है। आगजनी के समय और परिस्थितियों को लेकर सोशल मीडिया और गलियारों में कई तरह के संदेह व्यक्त किए जा रहे थे, जिसे देखते हुए लोक शिक्षण संचालनालय ने मामले की गहराई से जांच कराने का निर्णय लिया है।
संचालनालय लोक शिक्षण द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया गया है। इस समिति की अध्यक्षता रायपुर संभाग के संयुक्त संचालक संजीव श्रीवास्तव करेंगे। समिति में लोक शिक्षण संचालनालय के दो सहायक संचालकों, बजरंग प्रजापति और सतीश नायर को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
जांच दल को विशेष रूप से यह पता लगाने की जिम्मेदारी दी गई है कि आग लगने का वास्तविक कारण क्या था और इसमें कौन-कौन से महत्वपूर्ण दस्तावेज प्रभावित हुए हैं। साथ ही, यह भी जांचा जाएगा कि क्या यह महज एक दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई सोची-समझी साजिश थी। विभाग ने समिति को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे घटना के हर पहलू की बारीकी से जांच करें।
DPI ने इस जांच दल को अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के लिए महज 15 दिन यानी एक पखवाड़े का समय दिया है। पखवाड़े भर के भीतर समिति को अपनी विस्तृत रिपोर्ट संचालक, लोक शिक्षण को सौंपनी होगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस आगजनी कांड के लिए कौन जिम्मेदार है और विभाग को कितना बड़ा नुकसान हुआ है।
गौरतलब है कि DEO कार्यालय में कई वर्षों के पुराने रिकॉर्ड, नियुक्तियों से संबंधित फाइलें और वित्तीय दस्तावेज मौजूद थे। आगजनी की इस घटना के बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि कहीं रिकॉर्ड नष्ट करने के उद्देश्य से तो यह हरकत नहीं की गई। अब विभागीय जांच शुरू होने से इन सभी चर्चाओं पर विराम लगने और सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।









