Zubeen Garg death case : नई दिल्ली/गुवाहाटी। असम के मशहूर गायक जुबीन गर्ग की सिंगापुर में हुई मौत के मामले में एक बड़ा मोड़ आया है। असम पुलिस की विशेष जाँच दल (SIT) ने गायक के निधन के तीन महीने बाद गुरुवार को गुवाहाटी कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस चार्जशीट में डूबने की घटना को ‘दुर्घटना’ मानने के बजाय, हत्या (Murder) सहित कई गंभीर धाराएं जोड़ी गई हैं।
Zubeen Garg death case : सीएम सरमा के दावे को मिली पुष्टि
यह घटना इसी साल 19 सितंबर को सिंगापुर में हुई थी, जब जुबीन गर्ग एक सांस्कृतिक ब्रांड एंबेसडर के रूप में नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में शामिल होने गए थे और स्विमिंग के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
सिंगापुर के अधिकारियों ने अपनी पोस्टमार्टम और टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट में किसी भी गड़बड़ी से इनकार किया था। हालांकि, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुरू से ही इसे मानने से इनकार कर दिया था।
सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र में बोलते हुए स्पष्ट कहा था: “असम पुलिस शुरुआती जांच के बाद इस बात को लेकर आश्वस्त थी कि यह गैर-इरादतन हत्या का मामला नहीं था, बल्कि यह एक सीधी हत्या थी।”
Zubeen Garg death case : उन्होंने कहा कि आरोपियों में से एक ने गर्ग की हत्या की और दूसरों ने उसकी मदद की। चार से पांच लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा था कि अपराध के पीछे का मकसद राज्य के लोगों को चौंका देगा।
Zubeen Garg death case : SIT ने लगाए गंभीर आरोप
एसआईटी ने कड़ी सुरक्षा के बीच चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट में चार्जशीट पेश की। शुरुआती केस में आपराधिक षड्यंत्र (Criminal Conspiracy), गैर-इरादतन हत्या (Culpable Homicide), लापरवाही से मौत और विश्वास का आपराधिक उल्लंघन (Criminal Breach of Trust) सहित कई धाराएं लगाई गई थीं, जिसमें बाद में हत्या (Murder) के आरोप भी जोड़े गए।
तीन महीने बाद चार्जशीट दाखिल होने से उन लोगों को न्याय की उम्मीद जगी है, जो सिंगर की मौत के बाद से ही लगातार इंसाफ की मांग कर रहे थे।











