Mumbai Biryani Watermelon Case : इंदौर: मुंबई में बिरयानी और तरबूज खाने से एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत की खबर ने देशभर को झकझोर दिया है। इस घटना के बाद इंदौर जिला प्रशासन और खाद्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। शहरवासियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को देखते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मंगलवार को शहर के विभिन्न इलाकों में सघन जांच अभियान चलाया।
फलों में रसायनों की तलाश: खाद्य विभाग की टीम ने विशेष रूप से स्कीम नंबर 140 और इसके आसपास के फल बाजारों में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने तरबूज, आम और अन्य मौसमी फलों को पकाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे रसायनों की मौके पर ही जांच की। विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कहीं फलों को पकाने के लिए हानिकारक रसायनों (जैसे कैल्शियम कार्बाइड) का उपयोग तो नहीं किया जा रहा।
एथिलीन गैस का पाया गया उपयोग: जांच के दौरान विक्रेताओं द्वारा फलों को पकाने के लिए एथिलीन गैस का उपयोग करना पाया गया। राहत की बात यह है कि खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 के तहत एथिलीन गैस का एक सीमित मात्रा में उपयोग मान्य है। हालांकि, अधिकारियों ने व्यापारियों को सख्त हिदायत दी है कि वे केवल स्वीकृत मानकों का ही पालन करें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की मिलावट या प्रतिबंधित रसायन पाए जाने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।











