Morena Train Accident: मुरैना। मध्य प्रदेश के चंबल संभाग अंतर्गत आने वाले मुरैना जिले से एक बेहद दर्दनाक और रूह कंपा देने वाले रेल हादसे की खबर सामने आई है। जिले के हेतमपुर और घेर रेलवे स्टेशन के बीच रविवार शाम को एक बड़ा हादसा घटित हो गया, जहां एक छोटी सी लापरवाही और आग लगने की अफवाह ने आठ मासूम जिंदगियों को हमेशा के लिए लील लिया। मिली जानकारी के अनुसार, उदयपुर से चलकर धौलपुर की ओर जा रही उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में अचानक आग लगने की झूठी अफवाह फैल गई। इस अफवाह के सुनते ही ट्रेन के भीतर सफर कर रहे यात्रियों में भारी दहशत फैल गई और कोच के भीतर ही चीख-पुकार के साथ भगदड़ जैसी स्थिति निर्मित हो गई। अपनी जान बचाने के लिए घबराए हुए कुछ यात्रियों ने तुरंत इमरजेंसी चेन पुलिंग कर दी, जिससे ट्रेन हेतमपुर स्टेशन के पास अचानक रुक गई।
ट्रेन के रुकते ही जान बचाने की होड़ में दर्जनों यात्री डिब्बों से नीचे कूदकर रेलवे ट्रैक पर खड़े हो गए। इसी दौरान दूसरी पटरी पर विपरीत दिशा धौलपुर की ओर से मुरैना की तरफ आ रही तेज रफ्तार पातालकोट एक्सप्रेस वहां से गुजरी।
Dhoulpur, Rajasthan: A mobile phone reportedly caught fire aboard the Udaipur–Khajuraho Express near Hetampur railway station in Madhya Pradesh, prompting the train to stop and passengers to disembark hurriedly. While people were on the track, a second train arrived on an… pic.twitter.com/A64QxkQZ5J
— IANS (@ians_india) June 14, 2026
आग के डर से पटरियों पर उतरे लोग पातालकोट की चपेट में आए
चश्मदीदों और रेलवे अधिकारियों से मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक, पटरियों पर उतरे यात्रियों को संभलने या भागने का मौका ही नहीं मिला और वे सीधे पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। इस भीषण और हृदय विदारक हादसे में अब तक कुल 8 लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो चुकी है। रेलवे पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इस दुखद घटना में जान गंवाने वाले मृतकों में 4 महिलाएं और 4 मासूम बच्चे शामिल हैं, जो अपने परिवारों के साथ सफर कर रहे थे। इसके विपरीत हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए 7 अन्य लोगों को स्थानीय प्रशासन और राहगीरों की मदद से सुरक्षित बचाकर तुरंत नजदीकी जिला अस्पताल भेजा गया है। अस्पताल में डॉक्टरों की एक विशेष टीम घायलों के उपचार में जुटी हुई है और फिलहाल सभी की मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
धौलपुर की महिला यात्री ने बयां किया आंखों देखा खौफनाक मंजर
इस भीषण रेल हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन के आला अधिकारी, स्थानीय पुलिस बल और जिला प्रशासन की राहत एवं बचाव टीमें बिना कोई वक्त गंवाए तुरंत घटना स्थल पर पहुंच गईं। इस हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बची राजस्थान के धौलपुर की एक महिला यात्री ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई। उसने बताया कि करीब शाम 4 बजे उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस मुरैना स्टेशन से आगे धौलपुर की ओर रवाना हुई थी। ट्रेन जैसे ही हेतमपुर स्टेशन के पास पहुंची, तभी अचानक किसी कोच से चिल्लाने की आवाज आई कि ट्रेन के पिछले डिब्बों में भीषण आग लग गई है। यह सुनते ही पूरे डिब्बे में लोग पागलों की तरह भागने लगे और खिड़कियों व दरवाजों से नीचे कूदने लगे।
कई लोग अपनी जान बचाने के लिए बगल वाले ट्रैक पर जाकर खड़े हो गए, उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि दूसरी पटरी पर काल बनकर पातालकोट एक्सप्रेस आ रही है।
दिल्ली-मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर यातायात पूरी तरह से ठप
इस बड़े हादसे के कारण देश के सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्ततम दिल्ली-मुंबई मुख्य रेलवे रूट पर रेल यातायात पूरी तरह से बाधित और ठप हो गया है। पटरियों पर दुर्घटना के साक्ष्य और शवों के बिखरे होने के कारण इस मार्ग से गुजरने वाली कई अन्य वीआईपी और मालगाड़ियों को नजदीकी स्टेशनों पर ही एहतियातन रोक दिया गया है। रेलवे के तकनीकी कर्मचारी और सुरक्षा बल पटरियों को साफ करने और रूट को दोबारा सुचारू रूप से बहाल करने के काम में युद्ध स्तर पर जुटे हुए हैं। रेलवे बोर्ड ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर ट्रेन में आग लगने की यह जानलेवा अफवाह किसने और किस मकसद से फैलाई थी।
रेलवे डॉक्टरों की टीम अस्पताल में भर्ती घायलों की स्थिति पर लगातार अपनी पैनी नजर बनाए हुए है। अंततः, इस भयानक हादसे की खबर फैलते ही पूरे चंबल और धौलपुर क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त हो गया है और मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।









