US-Iran वार्ता फिर विफल! इस्लामाबाद में नहीं बनी सहमति, पाकिस्तान की मध्यस्थता नाकाम

Rahul Goshwami

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में आयोजित दूसरी शांति वार्ता की कोशिश एक बार फिर विफल हो गई है। पाकिस्तान की मध्यस्थता के बावजूद दोनों देशों के बीच न तो सीधी और न ही प्रभावी अप्रत्यक्ष बातचीत हो सकी, जिससे क्षेत्रीय तनाव कम करने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है।

वार्ता से पहले ही बना गतिरोध

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची इस्लामाबाद पहुंचे थे, जहां उन्होंने पाकिस्तान की शीर्ष राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अमेरिका के प्रस्तावों पर ईरान का औपचारिक जवाब सौंपा।

हालांकि, तेहरान ने साफ कर दिया कि वह अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से सीधे बातचीत नहीं करेगा, जिससे वार्ता की प्रक्रिया शुरुआत से ही अटक गई।
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ट्रंप ने रद्द किया दौरा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी बड़ा फैसला लेते हुए अपने विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और सलाहकार जेरेड कुशनर के पाकिस्तान दौरे को रद्द कर दिया।

ट्रंप ने कहा कि इतनी लंबी यात्रा का कोई औचित्य नहीं है, क्योंकि बातचीत के लिए अनुकूल माहौल नहीं बन पाया है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका के पास बातचीत के लिए पर्याप्त विकल्प मौजूद हैं।

ईरान की प्रमुख शर्तें

रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने अपनी मांगों की एक सूची पाकिस्तान को सौंपी, जिसमें अमेरिकी प्रतिबंध हटाने और होर्मुज जलडमरूमध्य पर सैन्य दबाव कम करने जैसी शर्तें शामिल हैं।तेहरान ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी तरह की बातचीत केवल अप्रत्यक्ष माध्यम से ही संभव होगी।

पाकिस्तान की मध्यस्थता पर सवाल

इस पूरे घटनाक्रम ने पाकिस्तान की मध्यस्थता की सीमाओं को उजागर कर दिया है। भारी सुरक्षा इंतजाम और उच्चस्तरीय बैठकों के बावजूद इस्लामाबाद दोनों पक्षों को बातचीत की टेबल पर लाने में असफल रहा।विशेषज्ञों का मानना है कि इस असफलता ने वैश्विक कूटनीति में पाकिस्तान की भूमिका को सीमित कर दिया है।

आगे क्या?

वार्ता के विफल होने के बाद अरागची ओमान लौट गए हैं और रूस के साथ भी आगे बातचीत की योजना बना रहे हैं। वहीं, अमेरिका ने भी तत्काल किसी नई पहल के संकेत नहीं दिए हैं।

इस घटनाक्रम से साफ है कि US-Iran तनाव फिलहाल कम होने के बजाय और जटिल होता जा रहा है, जिससे वैश्विक राजनीति में अनिश्चितता बनी हुई है।

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