CG NEWS: तखतपुर क्षेत्र के लिदरी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बीते करीब 20 घंटों से बिजली गुल रहने के कारण हालात बेहद चिंताजनक हो गए हैं। भीषण गर्मी के बीच अस्पताल में भर्ती मरीजों, नवजात शिशुओं और प्रसूता महिलाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गर्मी में बेहाल मरीज और परिजन
CG NEWS: बिजली आपूर्ति ठप होने से अस्पताल में पंखे, कूलर और अन्य जरूरी उपकरण बंद पड़े हैं। पानी की समुचित व्यवस्था भी प्रभावित हो गई है। ऐसे में इलाज के लिए आए ग्रामीण और उनके परिजन गर्मी और उमस में परेशान नजर आ रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत नवजात बच्चों और प्रसूताओं को हो रही है, जिनके लिए ठंडा और सुरक्षित वातावरण बेहद जरूरी होता है।
करोड़ों की लागत वाला भवन, लेकिन सुविधाएं गायब
CG NEWS: हाल ही में करोड़ों रुपये की लागत से तैयार इस नए अस्पताल भवन का उद्घाटन बड़े दावों के साथ किया गया था। आधुनिक सुविधाओं और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का वादा किया गया था, लेकिन वर्तमान हालात उन दावों की पोल खोलते दिख रहे हैं।
CG NEWS: मूलभूत सुविधा—बिजली—के अभाव में पूरा सिस्टम चरमरा गया है, जिससे प्रशासन की तैयारियों और निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं।
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वैक्सीन स्टोरेज पर मंडराया खतरा
CG NEWS: अस्पताल के कोल्ड चेन पॉइंट की स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर बनी हुई है। यहां वैक्सीन को सुरक्षित रखने के लिए एक निश्चित तापमान जरूरी होता है, लेकिन लंबे समय से बिजली बंद रहने के कारण तापमान बिगड़ने की आशंका है। इससे लाखों रुपये की वैक्सीन खराब हो सकती है, जो टीकाकरण व्यवस्था के लिए बड़ा झटका साबित होगा।
जिम्मेदारों की उदासीनता
CG NEWS: चौंकाने वाली बात यह है कि इतनी बड़ी समस्या के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी सक्रिय नजर नहीं आ रहे हैं। बिजली विभाग के नगर जेई रचित दुवा ने जानकारी न होने की बात कही, जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के खंड चिकित्सा अधिकारी उमेश साहू ने बताया कि विभाग को सूचना दे दी गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
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बड़ा सवाल: जिम्मेदारी किसकी?
CG NEWS: लगातार 20 घंटे तक अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर बिजली न होना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर इस स्थिति के लिए जिम्मेदार कौन है और कब तक मरीजों को ऐसी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा?
यह घटना साफ संकेत देती है कि स्वास्थ्य सेवाओं में केवल भवन निर्माण ही पर्याप्त नहीं, बल्कि मूलभूत सुविधाओं की निरंतर उपलब्धता और जिम्मेदार तंत्र की सक्रियता भी उतनी ही जरूरी है।











