Big success in Sukma : सुकमा। छत्तीसगढ़ सरकार और भारत सरकार की पुनर्वास नीति “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” ने सुकमा जिले में आज एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। जिले में 10 सक्रिय माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर सामाजिक मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वालों में 6 महिलाएँ भी शामिल हैं।
Big success in Sukma : 33 लाख के इनामी नक्सली हुए पुनर्वासित
आत्मसमर्पण करने वाले इन माओवादी कैडरों पर कुल 33 लाख रुपये का इनाम घोषित था। यह कार्रवाई क्षेत्र में शांति और विश्वास के बढ़ते वातावरण का प्रतीक है।
इन माओवादियों ने जो हथियार सुरक्षा बलों के सामने जमा किए, उनमें 8 लाख रुपये के इनामी हथियार भी शामिल हैं:
Big success in Sukma : आत्मसमर्पण करने वाले महत्त्वपूर्ण कैडर
आत्मसमर्पण करने वाले इन कैडरों में माओवादी संगठन के कई महत्त्वपूर्ण सदस्य शामिल हैं, जिससे संगठन को बड़ा झटका लगा है:
- पीएलजीए बटालियन-01 का प्लाटून कमांडर
- दरबा डिवीजन के 2 एरिया कमेटी सदस्य
- पीएलजीए प्लाटून 31 और 26 के 2 पीपीसीएम
- गोल्लापल्ली LOS के 2 सदस्य
- 3 पार्टी सदस्य

सभी 10 कैडरों ने सार्वजनिक रूप से शांति और विकास का मार्ग अपनाने की घोषणा की।
Big success in Sukma : अधिकारियों की प्रतिक्रिया
पुलिस अधीक्षक (SP) सुकमा, किरण चव्हाण ने इस सफलता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जनविश्वास बढ़ने के कारण माओवादी सरेंडर में तेजी आई है।
“आज कुल 10 सक्रिय व इनामी माओवादी आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटे हैं। वर्ष 2025 में अब तक जिले में 263 माओवादी हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं।”
पुलिस महानिरीक्षक (IG), बस्तर रेंज, सुन्दरराज पत्तिलिंगम ने कहा कि माओवादी विचारधारा का अंत निकट है:
“सुकमा में कैडरों का इस तरह मुख्यधारा में लौटना दर्शाता है कि माओवादी हिंसा व उनकी जनविरोधी सोच अब समाप्ति की ओर है। लोग ‘पूना मारगेम’ पहल पर भरोसा कर रहे हैं। बीते 11 महीनों में बस्तर रेंज में 1514 से अधिक माओवादी कैडर आत्मसमर्पण कर चुके हैं। देवजी, पाप्पा राव, देवा सहित शेष वरिष्ठ माओवादी कैडरों के पास अब आत्मसमर्पण ही एकमात्र विकल्प है।”
Big success in Sukma : ‘वायान वाटिका’ में पौधारोपण
आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास कार्यक्रम के दौरान, पुनर्वासित कैडरों ने “वायान वाटिका” में पौधारोपण किया। गोंडी भाषा में “वायान” का अर्थ ‘आशा और भविष्य की बगिया’ है। स्थानीय समुदाय के वरिष्ठजनों की मौजूदगी में इन कैडरों द्वारा लगाए गए पौधों को उनके पुनर्जन्म, विश्वास और शांतिपूर्ण भविष्य के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।
इस अवसर पर आईजी सुन्दरराज पी, कलेक्टर देवेश ध्रुव, एसपी किरण चव्हाण और डीआईजी सीआरपीएफ आनंद सिंह सहित बड़ी संख्या में अधिकारी व सामाजिक प्रतिनिधि मौजूद रहे।










