Nagar Panchayat Kharora : खरोरा। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 (PMAY-U 2.0) के दिशा-निर्देशों में संशोधन की मांग को लेकर नगर पंचायत खरोरा के अध्यक्ष ने उच्च अधिकारियों को एक मांग पत्र सौंपा है। यह मांग पत्र विशेष रूप से योजना के बिंदु क्रमांक 4.4 में संशोधन से संबंधित है।
नगर पंचायत खरोरा के अध्यक्ष द्वारा उठाए गए प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:
- संशोधन की आवश्यकता: अध्यक्ष ने मांग की है कि प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के दिशा-निर्देशों के बिंदु क्रमांक 4.4 में संशोधन किया जाए।
- योजना का लक्ष्य: प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 का मुख्य उद्देश्य शहरी गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को किफायती आवास उपलब्ध कराना है। (यह योजना 1 सितंबर 2024 से शुरू हुई है और इसका लक्ष्य अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ आवास प्रदान करना है)।
- वर्तमान नियम की चिंता: अध्यक्ष का मानना है कि वर्तमान नियम के कारण, कई पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित हो सकते हैं।
- स्थानीय समस्याओं का समाधान: संशोधन के माध्यम से स्थानीय स्तर पर आवास निर्माण से जुड़ी समस्याओं का समाधान हो सकेगा और अधिक से अधिक लोगों को पक्के मकान का लाभ मिल पाएगा।

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पात्रता में बदलाव: PMAY-U 2.0 में आय वर्ग (EWS, LIG, MIG) की पात्रता सीमा को संशोधित किया गया है, जिसके तहत ₹9 लाख तक वार्षिक आय वाले परिवार भी लाभ ले सकते हैं।
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EWS: ₹3 लाख तक वार्षिक आय।
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LIG: ₹3 लाख से ₹6 लाख तक वार्षिक आय।
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MIG: ₹6 लाख से ₹9 लाख तक वार्षिक आय।
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- लाभ की राशि: लाभार्थी-नेतृत्व निर्माण (BLC) घटक के तहत पात्र EWS परिवारों को अपनी स्वयं की खाली भूमि पर मकान निर्माण के लिए ₹2.50 लाख तक का अनुदान प्रदान किया जाता है (यह राशि केंद्र और राज्य सरकार से मिलती है)।
- अनिवार्य शर्तें: लाभार्थी परिवार के पास देश में कहीं भी कोई पक्का घर नहीं होना चाहिए।
- छत्तीसगढ़ में क्रियान्वयन: छत्तीसगढ़ के सभी 192 नगरीय निकायों में इस योजना को लागू किया गया है, और हितग्राहियों की पहचान के लिए सर्वे का काम जारी है।
नगर पंचायत अध्यक्ष ने उम्मीद जताई है कि उच्च अधिकारी उनकी इस मांग पर गंभीरता से विचार करेंगे, ताकि खरोरा के अधिक से अधिक आवासहीन परिवारों को पक्के घर का सपना साकार हो सके।











