fair price shops : सिंगरौली। जिले में उचित मूल्य दुकानों पर कोटेदारों की मनमानी चरम पर पहुंच गई है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि कई महीनों से उन्हें राशन नहीं मिल रहा, जबकि मशीन पर फिंगरप्रिंट अवश्य लिया जाता है और केवल परिचय पत्र या पर्ची थमा दी जाती है। इस कारण गरीब हितग्राहियों में भारी आक्रोश है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला कलेक्टर द्वारा दुकानों का निरीक्षण किया गया, लेकिन कोटेदारों पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई, जिससे उन्हें खुलेआम मनमानी करने की छूट मिल गई है। परिणामस्वरूप पात्र परिवारों को 4 से 6 महीने तक राशन नहीं मिल पा रहा है।
पहला मामला सरई क्षेत्र के अम्हा टोला की राशन दुकान से जुड़ा है। अम्हा टोला के हितग्राहियों ने बताया कि कोटेदार पिछले 5–6 महीने से राशन वितरण नहीं कर रहा है, जबकि हर महीने फिंगरप्रिंट जरूर लेता है। शिकायत सीएम हेल्पलाइन में भी दर्ज कराई गई, लेकिन आज तक किसी प्रकार का निराकरण नहीं हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां कोटेदार की मनमानी चरम पर है और प्रशासन मौन बना हुआ है।
fair price shops : दूसरा मामला कोतवाली क्षेत्र के नौगढ़ वार्ड क्रमांक 45 की राशन दुकान का है। यहां शासकीय उच्चतर मूल्य दुकान में राशन वितरण बंद होने से उपभोक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। शनिवार को बड़ी संख्या में हितग्राही सड़क पर बैठकर कोटेदार और जिला प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने लगे।
प्रदर्शनकारी आरोप लगा रहे हैं कि महीनों से खाद्यान्न वितरण बंद होने से परिवारों को गंभीर खाद्यान्न संकट का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग गुजरते वाहनों को रोकने का भी प्रयास कर रहे थे, जिससे मार्ग पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
fair price shops : स्थानीय हितग्राहियों ने प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप करने और कोटेदारों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर राशन वितरण जल्द शुरू नहीं हुआ तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है और गरीब हितग्राहियों का भरोसा प्रशासन पर से कम होता जा रहा है।











