शाजापुर: सुजालपुर तहसीलदार राकेश खजूरिया के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए उज्जैन संभाग आयुक्त आशीष सिंह ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के लिए उनका मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय शाजापुर निर्धारित किया गया है। कार्रवाई का आधार हाल ही में सामने आई गंभीर अनियमितताएं हैं, जिन्हें कलेक्टर ऋजु बाफना के निरीक्षण के दौरान उजागर किया गया।
कलेक्टर निरीक्षण में उजागर हुई थीं अनियमितताएं
कुछ दिन पूर्व कलेक्टर ऋजु बाफना ने सुजालपुर तहसील का आकस्मिक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार द्वारा निराकृत किए गए कई प्रकरणों को खंगाला गया। प्रारंभिक जांच में ही अनेक त्रुटियां सामने आने पर कलेक्टर ने संयुक्त जांच दल गठित कर विस्तृत परीक्षण के निर्देश दिए।
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126 प्रकरणों में पाई गई गंभीर गलतियां
संयुक्त जांच दल की रिपोर्ट ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया। रिपोर्ट अनुसार:
- नामांतरण,
- बंटवारा,
- हीबानामा आधारित आदेश,
- बंधक भूमि का अवैध नामांतरण,
जैसे कुल 126 निराकृत प्रकरणों में नियम विरुद्ध तरीके से निर्णय लिए गए थे। कई आदेशों में प्रक्रिया के विपरीत मनमानी और स्पष्ट लापरवाही पाई गई।
नियमों की अनदेखी और व्यक्तिगत लाभ के आरोप
संभाग आयुक्त ने जांच रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद माना कि तहसीलदार ने:
- राजस्व प्रकरणों में नियमों और प्रक्रिया का पालन नहीं किया,
- अनेक मामलों में व्यक्तिगत हितों की पूर्ति की,
- और बिना वास्तविक आधार के कई प्रकरणों में गैरकानूनी नामांतरण कर दिए।
इन गंभीर आरोपों के आधार पर उन्हें तत्काल निलंबित किया गया है।
प्रशासन सख्ती के मूड में
यह कार्रवाई जिले में राजस्व कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के संदेश के रूप में देखी जा रही है। प्रशासनिक हलकों में इसे “जीरो टॉलरेंस” नीति की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।









