Delhi Blast Updates/लखनऊ: यूपी एटीएस और केंद्रीय एजेंसियों की संयुक्त जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। हाल ही में गिरफ्तार आतंकियों से पूछताछ में पता चला है कि अयोध्या का राम मंदिर और वाराणसी आतंकियों के प्रमुख निशाने पर थे। उन्होंने इसके लिए पहले से ही एक टेरर मॉड्यूल भी तैयार कर रखा था। अयोध्या में आतंकी विस्फोट की साजिश रच रहे थे, जिसके लिए गिरफ्तार आतंकी शाहीन ने अयोध्या में स्लीपर सेल को सक्रिय कर दिया था।
Delhi Blast Updates इस बाबत एजेंसियों का कहना है कि आतंकियों की योजना को अंजाम देने से पहले ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद कर लिया गया। जांच सूत्रों की मानें, लाल किला ब्लास्ट की योजना मुख्य उद्देश्य नहीं थी, बल्कि यह हड़बड़ी में हुआ हादसा माना जा रहा है क्योंकि विस्फोटक में टाइमर या रिमोट डिवाइस का इस्तेमाल नहीं किया गया था।
अस्पताल और भीड़भाड़ वाले जगहों पर निशाना
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आतंकी संगठन के सदस्य अस्पतालों और भीड़भाड़ वाले बाजारों को टारगेट करने की योजना बना रहे थे ताकि बड़े पैमाने पर नुकसान किया जा सके। आतंकियों की हिट लिस्ट में कई सार्वजनिक स्थल और धार्मिक जगहें भी शामिल थीं।
Delhi Blast Updates अब तक की छापेमारी में एजेंसियों ने करीब 2900 किलोग्राम विस्फोटक और हथियार बरामद कर लिए हैं। हालांकि, जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती है बचे हुए 300 किलो अमोनियम नाइट्रेट की बरामदगी, जिसका अब तक कोई सुराग नहीं मिला है।
नेपाल के रास्ते भारत में आया विस्फोटक
सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आतंकियों तक ये विस्फोटक बांग्लादेश से नेपाल के रास्ते भारत लाया गया था। जांच में पता चला है कि अमोनियम नाइट्रेट को एक फर्टिलाइजर कंपनी से चोरी छिपे हासिल किया गया था। आतंकियों द्वारा कुल 3200 किलोग्राम विस्फोटक की खेप लाई गई थी, जिसमें से अब तक अधिकांश बरामद हो चुका है।
Read More : Indore Alert Delhi Blast : राजधानी में ब्लास्ट के बाद इंदौर हाई अलर्ट पर, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
पूरे नेटवर्क की तलाश में छापेमारी
वर्तमान में जांच एजेंसियां देश के कई हिस्सों में लगातार छापेमारी कर रही हैं ताकि इस पूरे मॉड्यूल का पर्दाफाश किया जा सके। माना जा रहा है कि आतंकी संगठन के कई सदस्य अभी भी फरार हैं और स्लीपर सेल को निष्क्रिय करना एजेंसियों की प्राथमिकता है।











