MP Education News: दीपक विश्वकर्मा \उमरिया। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति एक बार फिर सामने आई है। जिले के करकेली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत जुडवानी स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय की हालत इतनी जर्जर हो चुकी है कि यहां पढ़ने वाले मासूम बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विद्यालय भवन की दीवारों में गहरी दरारें पड़ चुकी हैं, छत से पानी टपकता है, खिड़की-दरवाजे टूट चुके हैं और छज्जे का हिस्सा भी क्षतिग्रस्त होकर गिरने लगा है। इसके बावजूद करीब 50 से 52 छात्र-छात्राएं रोजाना इसी खतरनाक भवन में पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
जर्जर भवन में संचालित हो रहा स्कूल
MP Education News: करकेली जनपद की ग्राम पंचायत जुडवानी के इस प्राथमिक विद्यालय में कक्षा पहली से पांचवीं तक के बच्चे अध्ययन करते हैं। विद्यालय की इमारत वर्षों से मरम्मत का इंतजार कर रही है, लेकिन अब इसकी स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
स्कूल की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें साफ दिखाई देती हैं। बरसात के दौरान छत से लगातार पानी रिसता है, जिससे कक्षाओं में बैठकर पढ़ाई करना मुश्किल हो जाता है। कई जगहों पर प्लास्टर उखड़ चुका है और छज्जे के हिस्से टूटकर गिर रहे हैं। ऐसे में बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा लगातार खतरे में बनी हुई है।
हर दिन खतरे के साए में पढ़ रहे बच्चे
विद्यालय में पढ़ने वाले मासूम छात्र-छात्राएं रोजाना अपनी जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचते हैं। अभिभावकों का कहना है कि उन्हें हर समय इस बात का डर बना रहता है कि कहीं जर्जर भवन की छत या दीवार का कोई हिस्सा गिर न जाए।बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। छत से पानी टपकने के कारण कक्षाओं में बैठना मुश्किल हो जाता है, फिर भी बच्चों की पढ़ाई किसी तरह जारी रखी जाती है।
मध्यान्ह भोजन योजना भी हो रही प्रभावित
विद्यालय में केवल भवन की समस्या ही नहीं है, बल्कि इसका असर बच्चों को मिलने वाली सरकारी सुविधाओं पर भी पड़ रहा है।जानकारी के अनुसार, स्कूल में मध्यान्ह भोजन (Mid-Day Meal) के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध है, लेकिन भोजन बनाने के लिए अलग और सुरक्षित रसोई भवन नहीं होने के कारण बच्चों को नियमित रूप से मध्यान्ह भोजन का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इससे सरकार की महत्वपूर्ण पोषण योजना भी प्रभावित हो रही है।
शिक्षकों ने कई बार अधिकारियों को भेजी शिकायत
MP Education News: विद्यालय के शिक्षकों का कहना है कि स्कूल भवन की जर्जर स्थिति को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों और शिक्षा विभाग को लिखित एवं मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद आज तक न तो भवन की मरम्मत कराई गई और न ही नए भवन के निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया गया।स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के कारण मासूम बच्चों की सुरक्षा से लगातार खिलवाड़ हो रहा है।
बड़े हादसे का इंतजार कर रहा प्रशासन?
ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय भवन की हालत किसी भी समय बड़े हादसे को न्योता दे सकती है। उनका सवाल है कि आखिर प्रशासन कब तक इस गंभीर समस्या को नजरअंदाज करता रहेगा? क्या किसी अप्रिय घटना के बाद ही जिम्मेदार अधिकारी जागेंगे?स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से तत्काल जर्जर भवन को अनुपयोगी घोषित कर बच्चों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने तथा नए विद्यालय भवन के निर्माण की मांग की है।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठे गंभीर सवाल
MP Education News: शिक्षा का अधिकार तभी सार्थक हो सकता है जब बच्चों को सुरक्षित वातावरण में पढ़ाई का अवसर मिले। जुडवानी प्राथमिक विद्यालय की स्थिति यह दर्शाती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कई सरकारी स्कूल बुनियादी सुविधाओं के अभाव में संचालित हो रहे हैं।अब देखने वाली बात होगी कि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और कब तक इन मासूम बच्चों को सुरक्षित स्कूल भवन उपलब्ध कराया जाता है।







