Delhi blast : दिल्ली ब्लास्ट को लेकर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह ने खुद स्वीकार किया था कि उन पर दबाव के कारण 26/11 मुंबई हमले को लेकर पाकिस्तान पर कार्रवाई नहीं की जा सकी थी। कांग्रेस के शासनकाल में आतंकी घटनाओं पर उनका रवैया हमेशा समझौतावादी रहा है, जो वोट बैंक की राजनीति से प्रेरित था। पुलवामा हमले के बाद देश ने देखा कि किस तरह से केंद्र सरकार ने त्वरित प्रतिक्रिया दी। आज गृह मंत्रालय की नीति ‘जीरो टॉलरेंस’ वाली है।
Delhi blast : दिल्ली ब्लास्ट पर अजय चंद्राकर ने कहा कि यह देश विरोधी संगठनों की करतूत है, इसलिए इस पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए। सुरक्षा एजेंसियां जांच कर रही हैं और कुछ तथ्य सामने आए हैं। इस घटना की जितनी निंदा की जाए, उतनी कम है।
Delhi blast : कांग्रेस संगठन पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस संगठन के बल पर नहीं, बल्कि “मुंह के बल” चुनाव लड़ेगी। हर कोई बयान दे रहा है, कोई डकैती की बात कर रहा है, कोई संगठन की बात छोड़ चुका है। कांग्रेस में संगठन जैसी कोई बात नहीं बची है।
Delhi blast : कांग्रेस के टैलेंट हंट कार्यक्रम पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस में योग्यता का कोई महत्व नहीं है। वहां केवल राजपरिवार के प्रति निष्ठा ही असली योग्यता है। शशि थरूर और मनीष तिवारी जैसे सक्षम नेताओं का क्या उपयोग हो रहा है, यह सभी के सामने है।
Delhi blast : कांग्रेस की अनुशासनहीनता समिति पर उन्होंने चुटकी ली और कहा कि जब पार्टी में अनुशासन ही नहीं है, तो समिति क्या करेगी। कांग्रेस के नेता आपस में ही भिड़ रहे हैं, कोई एक-दूसरे पर गोलीबारी कर रहा है, तो कोई डकैती की योजना बना रहा है। कांग्रेस सिर्फ नाम के लिए समितियां बनाती है।
Delhi blast : बलरामपुर कस्टोडियल डेथ के मामले पर अजय चंद्राकर ने कहा कि पुलिस के अनुसार मृतक सिकलसेल रोग से पीड़ित था। उन्होंने कहा कि मामले की जांच होगी और यदि यह कस्टोडियल डेथ साबित होती है, तो कार्रवाई अवश्य होगी।
Delhi blast : वहीं, दिल्ली ब्लास्ट पर भूपेश बघेल ने एक्स पर लिखा कि देश की राजधानी में इतना बड़ा धमाका हो जाए और हम चुप रहें, यह सही नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिम्मेदारी तय क्यों नहीं की जा रही। बघेल ने कहा कि हमें अपने सुरक्षाबलों पर पूरा भरोसा है, लेकिन जब देश के नेतृत्वकर्ताओं के लिए सुरक्षा प्राथमिकता नहीं रह जाती, तो यह चिंता का विषय है। उन्होंने पुलवामा हमले का जिक्र करते हुए कहा कि वहां 300 किलो आरडीएक्स कहाँ से आया था, इसका जवाब आज तक नहीं मिला। दिल्ली में हुए धमाके में मारे गए लोगों के प्रति उन्होंने संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही कहा कि इस कठिन समय में सरकार से सवाल पूछे जाएंगे और जवाब देना ही होगा।









