Land For Job Case/ पटना : लैंड फॉर जॉब मामले में आज होने वाली सुनवाई टल जाने से लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को बड़ी राहत मिल गई है। शनिवार को दिल्ली स्थित राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई निर्धारित थी, लेकिन अदालत ने इसे आगे बढ़ाते हुए अब 4 दिसंबर 2025 की तिथि तय की है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब बिहार में चुनावी गतिशीलता तेज हो चुकी है और सभी दल अभियान मोड में हैं।
क्या है लैंड फॉर जॉब केस?
Land For Job Case यह मामला 2004–2009 के बीच का है, जब लालू प्रसाद यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे। CBI के आरोपों के अनुसार, रेलवे में भर्ती के बदले उम्मीदवारों से कम कीमत पर जमीन ली गई। यह जमीन कथित तौर पर लालू परिवार या उससे जुड़े लोगों के नाम की गई थी। सीबीआई ने लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और कई अन्य लोगों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार-निवारण अधिनियम के तहत आरोप लगाए हैं। RJD इन आरोपों को लगातार सिरे से खारिज करती आई है। पार्टी का कहना है कि यह मामला राजनीतिक प्रेरणा से दर्ज किया गया है और विपक्ष को कमजोर करने की एक “साजिश” है।
बिहार चुनाव 2025 पर टिकी निगाहें
Land For Job Case चूंकि इस समय बिहार चुनाव नजदीक हैं, इसलिए इस मामले में अदालत की हर हलचल चुनावी गणित को प्रभावित कर सकती है। RJD इस समय अपने प्रचार अभियान को तेज कर चुकी है और तेजस्वी यादव युवाओं, बेरोजगारी और आर्थिक मुद्दों को केंद्र में रखकर चुनावी माहौल बना रहे हैं। लालू परिवार के खिलाफ चल रहे इस केस को लेकर विपक्ष लगातार हमलावर है, जबकि RJD इसे “जनादेश से डरने की राजनीति” बताती है। सुनवाई टलने को RJD कैडर और समर्थक राहत के रूप में देख रहे हैं, क्योंकि इससे चुनाव प्रचार में परिवार और पार्टी की सक्रियता बाधित नहीं होगी।
तेजस्वी यादव ने फिर दोहराया—“यह बदले की कार्रवाई”
तेजस्वी यादव ने कहा कि वे और उनका परिवार पूरी तरह निर्दोष हैं और यह केस सिर्फ राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से चलाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि “सच्चाई और न्याय दोनों हमारे साथ हैं।”
अब 4 दिसंबर पर नज़र
अब अगली सुनवाई 4 दिसंबर को होगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, इस केस की अदालती तारीखें और फैसले राजनीतिक विमर्श को और गर्मा सकते हैं।











