CG News: सरगुजा : मैनपाट में प्रसव पीड़िता की मौत का मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुँच गया है। सरगुजा ज़िले के मैनपाट में सड़क और एंबुलेंस सुविधा के अभाव में आदिवासी महिला सोनमती (23 वर्ष) की मौत पर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग और छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। दोनों आयोगों ने सरगुजा कलेक्टर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अब 17 अक्टूबर को दिल्ली में इस मामले की सुनवाई होगी, जिसके लिए एडिशनल कलेक्टर राम सिंह ठाकुर और सीएमएचओ डॉ. मार्को आयोग के समक्ष उपस्थित होने दिल्ली रवाना हो चुके हैं।
CG News: घटना 27 जुलाई 2023 की है, जब ग्राम पंचायत विसरमनी में प्रसव पीड़ा से जूझ रही सोनमती को सड़क न होने के कारण एंबुलेंस नहीं मिल पाई। परिजनों ने बाँस और डोली की मदद से उसे अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन बीच रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। यह मामला पार्षद आलोक दुबे की शिकायत पर आयोग तक पहुँचा था, जिसमें बताया गया था कि मैनपाट के सात से अधिक गाँव आज़ादी के 76 साल बाद भी सड़क और एंबुलेंस जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।
CG News: इस घटना को गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन मानते हुए छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग, रायपुर ने 18 सितंबर 2024 को कलेक्टर को नोटिस जारी किया था और 15 दिनों में विस्तृत रिपोर्ट तलब की थी। आयोग ने कहा कि गर्भवती महिलाओं और ग्रामीणों को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रखना गंभीर प्रशासनिक लापरवाही है।
CG News: अब राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (N.C.S.T.) ने भी मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। आयोग ने कलेक्टर को नोटिस जारी करते हुए कहा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 338(क) के तहत आयोग इस प्रकरण की जांच करेगा। आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य ने 17 अक्टूबर 2025 को सुनवाई की तिथि निर्धारित की है और जिला प्रशासन को सभी मूल दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।

CG News: आयोग ने चेतावनी दी है कि यदि अधिकारी निर्धारित तिथि पर उपस्थित नहीं होते, तो आयोग उनके विरुद्ध सिविल न्यायालय की शक्तियों का उपयोग कर बाध्यकारी कार्रवाई करेगा। यह मामला न केवल एक प्रशासनिक विफलता का उदाहरण है, बल्कि आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की वास्तविक स्थिति पर भी गंभीर सवाल उठाता है।












