CG NEWS : फकरे आलम खान/बचेली : एनएमडीसी के सीएमडी अमिताव मुखर्जी के किरंदुल-बचेली दौरे के दौरान बचेली में स्थानीय युवाओं का गुस्सा खुलकर सामने आ गया। एनएमडीसी परियोजना ऑफिस के सामने सीआईएसएफ गेट पर युवाओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए सीएमडी का पुतला दहन किया।
CG NEWS : प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि एनएमडीसी प्रबंधन केवल उत्पादन लक्ष्य और नई खदानों पर केंद्रित है, जबकि स्थानीय युवाओं के रोजगार और प्रभावित गांवों के विकास की लगातार अनदेखी की जा रही है। युवाओं का कहना था कि “जब क्षेत्र के ही युवा बेरोजगार घूम रहे हैं, तो नई खदानें खोलने का क्या औचित्य है?”
CG NEWS : प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने “जल-जंगल-जमीन बचाओ”, “खदान क्रमांक 13 और 4 बंद करो”, “एनएमडीसी होश में आओ – एनसीएल वापस जाओ” और “सीएमडी होश में आओ” जैसे जोरदार नारे लगाए। उन्होंने खदान क्रमांक 13 एवं 4 को तत्काल निरस्त करने, खनन से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक करने और स्थानीय एनसीएल कार्यालय को हटाने की मांग भी रखी।
CG NEWS : इसके अलावा, प्रदर्शनकारियों ने किरन्दुल- बचेली क्षेत्र में कार्यरत शासकीय कर्मचारियों के लिए आवास सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई। युवाओं का आरोप है कि सीएमडी अमिताव मुखर्जी उनसे मिलने से बचते रहे और केवल उत्पादन उपलब्धियों का जश्न मनाने आए हैं, जबकि स्थानीय समस्याओं से उनका कोई सरोकार नहीं है।
CG NEWS : पुतला दहन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय युवा शामिल रहे। मौके पर पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा और स्थिति को नियंत्रित रखा गया। बड़े कमेली सरपंच करण तामो ने भी एनएमडीसी द्वारा गोद लिए गए गांवों सहित एनएमडीसी खनन से प्रभावित गांव में आज तक विकास कार्यों को लेकर वादाखिलाफी का आरोप लगाया सरपंच ने कहा कि 50 वर्षों से अधिक समय बीत गया परंतु एनएमडीसी को सिर्फ अपने खनन लक्ष्य से मतलब है जल जंगल जमीन पर्यावरण से कोई लेना देना नहीं है डिपाजिट 4 एवं 13 में खदान खुलेगी पर्यावरण को नुकसान होगा स्थानीय बेरोजगारो को ना अभी नौकरी मिली है ना आगे मिलेगी।
CG NEWS : यह विरोध प्रदर्शन एक बार फिर एनएमडीसी और स्थानीय समुदाय के बीच बढ़ती दूरी और असंतोष को उजागर करता है, जो आने वाले समय में और बड़ा रूप ले सकता है।











