Mahakal Security Guard Reel: उज्जैन। धर्मधानी उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल मंदिर परिसर से नियमों को ताक पर रखने वाला एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात सुरक्षा कर्मचारियों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में सुरक्षाकर्मी पूरी वर्दी में मंदिर के भीतर रील बनाते हुए साफ नजर आ रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप बाबा महाकाल के भक्तों में इस गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। हालांकि इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि वीडियो सामने आने के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
नक़ली ‘पुष्पा’ के किरदार की कॉपी करते दिखे सुरक्षाकर्मी
वायरल हो रहे इस वीडियो में महाकाल मंदिर के सुरक्षाकर्मी फिल्म ‘पुष्पा’ के मुख्य किरदार की हूबहू कॉपी करते हुए नजर आ रहे हैं। वे वीडियो में एक नकली पुष्पा का किरदार निभाने वाले व्यक्ति के साथ मंदिर के प्रतिबंधित परिसर में बकायदा रील की शूटिंग कर रहे हैं। इसके अलावा सुरक्षाकर्मी अपनी ड्यूटी छोड़कर पूरे मजे के साथ फिल्मी गानों और डायलॉग्स पर एक्टिंग करते दिख रहे हैं। यही कारण है कि इस वीडियो के सार्वजनिक होने के बाद महाकाल मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और वहाँ के अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े होने शुरू हो गए हैं।
आम श्रद्धालुओं के लिए कड़े नियम, खुद के लिए छूट
इस घटना के सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन के दोहरे रवैये की भी जमकर आलोचना हो रही है। स्थानीय लोगों और भक्तों का कहना है कि यदि कोई आम श्रद्धालु मंदिर परिसर में भूलवश भी मोबाइल निकाल लेता है या फोटो खींचने का प्रयास करता है, तो यही सुरक्षाकर्मी तुरंत उसका फोन जब्त कर लेते हैं। इसके विपरीत जरूरत पड़ने पर आम श्रद्धालुओं के मंदिर प्रवेश पर भी कड़ा प्रतिबंध लगा दिया जाता है। हालांकि जब खुद सुरक्षाकर्मियों ने मर्यादाओं का उल्लंघन करते हुए रील बनाई, तो प्रबंधन ने पूरी तरह से अपनी आँखें मूंद ली हैं।
प्रशासन के मौन रहने पर उठ रहे बड़े सवाल
वीडियो सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर जमकर शेयर किया जा रहा है और लोग इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। इसके विपरीत महाकाल मंदिर प्रशासन की ओर से अब तक इन दोषी सुरक्षा कर्मचारियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक या वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की गई है। भक्तों का मानना है कि पवित्र धार्मिक स्थलों पर इस तरह की फिल्मी गतिविधियों को तुरंत रोका जाना चाहिए ताकि मंदिर की पवित्रता और गरिमा बनी रहे। अंततः अब देखना होगा कि उच्च अधिकारियों के दखल के बाद इन रीलबाज सुरक्षाकर्मियों पर क्या सख्त एक्शन लिया जाता है।









