Lateri Loot Disclosure: विदिशा। लटेरी के मकसूदनगढ़ रोड स्थित मदागन से आगे घने जंगलों के रास्ते पर तीस मई को हुई पांच लाख रुपये की सनसनीखेज लूट के मामले में विदिशा पुलिस को एक बहुत बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस अधीक्षक विदिशा श्री रोहित कशवानी के कुशल निर्देशन में पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस पूरी वारदात का बड़ा खुलासा मीडिया कर्मियों के समक्ष किया है। पुलिस ने त्वरित और संयुक्त कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल पांच शातिर आरोपियों को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा उनके कब्जे से लूटी गई पांच लाख रुपये की पूरी राशि और घटना में इस्तेमाल की गई चार मोटरसाइकिलें भी शत-प्रतिशत बरामद कर ली हैं।
पांच थानों के बल और एसडीओपी के नेतृत्व में मिली सफलता
इस अंधी लूट के मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए एक विशेष टीम का गठन किया था। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई को पुलिस एसडीओपी सिरोंज सोनू डावर एवं लटेरी एसडीओपी अमरेश बोहरे के संयुक्त नेतृत्व में अंजाम दिया गया। इस पूरे ऑपरेशन में पांच थानों के प्रभारी और भारी संख्या में पुलिस स्टाफ शामिल रहा। पुलिस की अलग-अलग कड़ियों और मुखबिर तंत्र की सक्रियता के परिणामस्वरूप लुटेरों का सुराग लगाने में सफलता मिली। विदिशा पुलिस की इस पेशेवर कार्यप्रणाली और त्वरित एक्शन की क्षेत्र की जनता और व्यापारियों द्वारा जमकर सराहना की जा रही है।
जंगलों में जाल बिछाकर आरोपियों को दबोचा
पुलिस की कड़ाई से हुई पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने घने जंगल के सूने रास्ते का फायदा उठाकर इस लूट की योजना बनाना और वारदात को अंजाम देना पूरी तरह स्वीकार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में पहलवान सिंह उर्फ पर्वत सिंह भील, बनवारी उर्फ प्रेम सिंह, हेमराज पिता विजय भील, समंदर सिंह उर्फ बापूलाल भील और नीलेश पिता गंगाराम शामिल हैं। ये सभी आरोपी क्षेत्र के रास्तों से अच्छी तरह वाकिफ थे और राहगीरों पर नजर रखकर मौका पाते ही लूटपाट करते थे। हालांकि पुलिस ने वारदात के कुछ ही दिनों के भीतर इनके पूरे गिरोह को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है।
शत-प्रतिशत बरामदगी के बाद सभी आरोपी भेजे गए जेल
थाना प्रभारी के अनुसार आरोपियों के खिलाफ सुसंगत और कड़ी धाराओं के तहत आपराधिक मामला पंजीबद्ध कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर छुपा कर रखी गई पांच लाख रुपये की पूरी नगद राशि को सुरक्षित जब्त कर लिया है। इसके विपरीत घटना के समय प्रयुक्त की गई चार मोटरसाइकिलें भी पुलिस के कब्जे में हैं, जिन्हें न्यायालय के समक्ष साक्ष्य के रूप में पेश किया जाएगा। कागजी कार्रवाई और तकनीकी साक्ष्य जुटाने के बाद सभी पांचों आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से अदालत के आदेश पर उन्हें सीधे जेल भेज दिया गया है। अंततः पुलिस अब इनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी बारीकी से जांच कर रही है।








