निशानेबाज न्यूज डेस्क : बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। महिलाओं को लेकर की गई उनकी टिप्पणी के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है और मामला अब आधिकारिक स्तर पर भी पहुंच गया है।
महिला आयोग ने जारी किया नोटिस
बिहार राज्य महिला आयोग ने पप्पू यादव के वायरल वीडियो को संज्ञान में लेते हुए उन्हें नोटिस जारी किया है। आयोग ने उनके बयान को महिलाओं की गरिमा के खिलाफ बताते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एक तरफ “लड़की हूँ लड़ सकती हूँ” नारा,
दूसरी ओर कांग्रेस MP पप्पू यादव जैसा कुत्सित स्त्री-विरोधी चेहरामहिलाओं की योग्यता को बिस्तर से जोड़ने वाले ये ‘माननीय’ भूल गए संसद में इनकी पत्नी भी बैठती है
राहुल गांधी के चहेते का बयान हर संघर्षशील महिला के चरित्र पर तेजाब है
डूब मरिए! pic.twitter.com/lwZMTBkXgQ
— Radhika Khera (@Radhika_Khera) April 21, 2026
बयान से खड़ा हुआ विवाद
दरअसल, पप्पू यादव ने अपने बयान में कहा था कि महिलाओं को राजनीति में आगे बढ़ने के लिए ‘कंप्रोमाइज’ करना पड़ता है। इस टिप्पणी के सामने आने के बाद से ही इसे लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने इस बयान को महिलाओं के सम्मान के खिलाफ बताया है।
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बीजेपी का तीखा हमला
भारतीय जनता पार्टी ने भी इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी की प्रवक्ता राधिका खेड़ा ने पप्पू यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि यह बयान महिलाओं की योग्यता और संघर्ष का अपमान है। उन्होंने इसे स्त्री-विरोधी मानसिकता का उदाहरण बताया और कड़ी कार्रवाई की मांग की।
सियासत में बढ़ी तल्खी
इस पूरे घटनाक्रम के बाद बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। जहां एक ओर महिला आयोग ने मामले को गंभीरता से लिया है, वहीं विपक्षी दलों ने भी इसे मुद्दा बनाकर राजनीतिक घेराबंदी शुरू कर दी है।
आगे क्या होगा?
अब सभी की नजर पप्पू यादव के जवाब पर टिकी है। यह देखना अहम होगा कि वे अपने बयान पर क्या सफाई देते हैं और क्या यह विवाद आगे और गहराता है या शांत होता है।











