Urla Factory Fire: रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सबसे बड़े औद्योगिक हब उरला थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद और रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आ रही है। यहां स्थित ‘पोरवाल ऑयल फैक्ट्री’ में आज दोपहर अचानक भीषण और बेकाबू आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे परिसर के भीतर काम कर रहे कई मजदूरों और कर्मचारियों के फंसे होने की गंभीर आशंका उत्पन्न हो गई है। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मच गया और चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया। स्थानीय प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए दमकल विभाग और पुलिस की कई विशेष टीमों को तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए मौके पर रवाना कर दिया है।
टायर जलाकर डामर बनाने के दौरान हुआ भयंकर हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों और उरला पुलिस से मिली प्राथमिक जानकारी के अनुसार, पोरवाल ऑयल फैक्ट्री में बड़े पैमाने पर पुराने टायरों को अत्यधिक तापमान पर जलाकर डामर (कोलतार) और अन्य सिंथेटिक ऑयल बनाने का काम किया जाता था। शनिवार की दोपहर को जब फैक्ट्री के भीतर भारी मात्रा में ज्वलनशील पदार्थों की मौजूदगी के बीच काम चल रहा था, तभी अचानक किसी तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट की वजह से केमिकल टैंक के पास चिंगारी भड़क उठी। क्योंकि परिसर में टायर और ऑयल जैसे अत्यधिक संवेदनशील और आग पकड़ने वाले पदार्थ भारी मात्रा में डंप थे, इसलिए आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी इमारत को अपनी जद में ले लिया।
आसमान में छाया काला धुआं, दूर-दूर तक सुनाई दिए धमाके
फैक्ट्री में लगी आग इतनी भयावह है कि उसकी ऊंची-ऊंची लपटें और काले धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर रायपुर शहर के अन्य हिस्सों से भी साफ देखा जा सकता है। ऑयल और केमिकल के ड्रमों में आग लगने के कारण फैक्ट्री के भीतर एक के बाद एक कई जोरदार धमाके भी हुए, जिससे आसपास की अन्य औद्योगिक इकाइयों में काम कर रहे श्रमिक भी डर के मारे बाहर निकल आए। हवा की तेज गति के कारण आग लगातार फैलती जा रही है, जिससे बगल की फैक्ट्रियों पर भी खतरा मंडराने लगा है। एहतियात के तौर पर पुलिस प्रशासन ने पोरवाल फैक्ट्री के आसपास के पूरे संवेदनशील इलाके को पूरी तरह से खाली करा दिया है और आम नागरिकों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया है।
भीतर फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने की जद्दोजहद जारी
इस पूरे अग्निकांड में सबसे चिंताजनक बात यह है कि शनिवार का दिन होने के कारण घटना के वक्त फैक्ट्री के भीतर बड़ी संख्या में मजदूर अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। अचानक भड़की आग और चारों तरफ फैले जहरीले काले धुएं के कारण कई श्रमिकों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिल सका। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, करीब एक दर्जन से अधिक कर्मचारियों के फैक्ट्री के पिछले हिस्से और शेड के नीचे फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। दमकल कर्मी ऑक्सीजन मास्क और आधुनिक कटर मशीनों की मदद से दीवारें तोड़कर भीतर प्रवेश करने का रास्ता बना रहे हैं, ताकि फंसे हुए लोगों को बिना किसी देरी के सुरक्षित और जीवित बाहर निकाला जा सके।
जिला प्रशासन और पुलिस बल मौके पर तैनात, बचाव कार्य तेज
हादसे की सूचना मिलते ही रायपुर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, उरला थाना प्रभारी और भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच चुके हैं। आग की विभीषिका को देखते हुए नगर सेना (होमगार्ड) और रायपुर नगर निगम के फायर स्टेशन से दमकल की आधा दर्जन से अधिक गाड़ियों को तुरंत तैनात किया गया है, जो लगातार पानी और फोम की बौछार कर आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही हैं। इसके अलावा उद्योगों की अपनी निजी फायर टेंडर्स को भी मदद के लिए बुलाया गया है। घटनास्थल पर सुरक्षा के लिहाज से तीन से चार एम्बुलेंस और डॉक्टरों की एक विशेष टीम को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि रेस्क्यू किए गए लोगों को तुरंत प्राथमिक उपचार देकर अस्पताल पहुंचाया जा सके। पुलिस का कहना है कि उनकी पहली प्राथमिकता अंदर फंसे इंसानी जीवन को सुरक्षित बचाना है, जिसके बाद आग लगने के वास्तविक कारणों और नियमों के उल्लंघन की विस्तृत कानूनी जांच की जाएगी।









