Indore Nagar Nigam Scam: मध्य प्रदेश के इंदौर नगर निगम में वेतन भुगतान व्यवस्था में कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि कुछ मास्टरकर्मियों की मेहनत की कमाई उनके बैंक खातों में पहुंचने से पहले ही कथित तौर पर दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी गई। प्रारंभिक जांच में करीब 3 लाख रुपये के कथित गबन की बात सामने आई है। मामले में एमजी रोड थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, नगर निगम के पांच मास्टरकर्मियों के वेतन भुगतान के दौरान उनके मूल बैंक खातों का विवरण बदल दिया गया। इसके बाद वेतन की राशि कथित तौर पर अन्य बैंक खातों में भेज दी गई। मामला सामने आने के बाद निगम प्रशासन ने पूरे वेतन भुगतान सिस्टम की जांच शुरू कर दी है।
उपायुक्त की शिकायत पर दर्ज हुई एफआईआर
नगर निगम के उपायुक्त डॉ. केशव सिंह की शिकायत पर एमजी रोड थाना पुलिस ने अमन सालवी और आईटी विभाग में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारी अनुज पंवार के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बैंक खातों में बदलाव किस स्तर पर हुआ और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।
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डिजिटल रिकॉर्ड और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वेतन जारी करने की प्रक्रिया के दौरान कर्मचारियों के बैंक खाते बदल दिए गए थे। अब पुलिस डिजिटल रिकॉर्ड, बैंक ट्रांजेक्शन और संबंधित दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है ताकि पूरे फर्जीवाड़े की सच्चाई सामने आ सके।
आउटसोर्स कर्मचारी की सेवा समाप्त
मामले में नाम सामने आने के बाद नगर निगम ने आईटी विभाग में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारी अनुज पंवार की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं। वहीं पुलिस जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
बड़े नेटवर्क की आशंका, जांच जारी
फिलहाल यह मामला करीब तीन लाख रुपये के कथित गबन तक सीमित नजर आ रहा है, लेकिन जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा तो नहीं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस तरह की गड़बड़ी पहले भी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक नुकसान और इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।







