International Crisis Nepal: काठमांडू। पड़ोसी देश नेपाल के सुनसरी जिले में ‘बोलबम यात्रा’ (कांवड़ यात्रा) के दौरान शुरू हुआ विवाद अब गंभीर सांप्रदायिक तनाव का रूप ले चुका है। पिछले चार दिनों से देश के तराई क्षेत्रों और आसपास के कई शहरों में हिंसक झड़पें, पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इस हिंसा में अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में नागरिक और सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं।
हालात की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने कई प्रमुख शहरों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया है और कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए पुलिस व सशस्त्र पुलिस बल के साथ नेपाली सेना (Nepali Army) को मैदान में उतार दिया है।
मुहर्रम के झंडे से शुरू हुआ विवाद, कांवड़ यात्रा के दौरान भड़की हिंसा
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, विवाद की शुरुआत सुनसरी जिले के देवानगंज क्षेत्र से हुई। वहां मंदिर परिसर की एक सार्वजनिक भूमि पर मुहर्रम के अवसर पर लगाए गए झंडे को हटाने को लेकर दो पक्षों के बीच पहले से ही मतभेद चल रहा था।
रविवार रात जब उसी मार्ग से बोलबम यात्रा के लिए श्रद्धालु एकत्र हुए, तो झंडे के मुद्दे पर अचानक दोनों समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते बातचीत का विवाद मारपीट और पथराव में बदल गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन भीड़ के उग्र होने के कारण हिंसा अन्य क्षेत्रों में भी फैल गई।
शान्ति स्थापित गर्न नेपाली सेनाले खेलेको भूमिका प्रति स्यालुट गर्दछु। नेपाल शान्त थियो, छ र रहिरहने छ। pic.twitter.com/X0hzvC7kdj
— Nirmal Prasai🇳🇵 (@NirmalPrasai5) July 30, 2026
जनकपुर और सिरहा समेत कई शहरों में कर्फ्यू, सेना का फ्लैग मार्च
सुनसरी में शुरू हुई हिंसक घटनाओं की लपटें देखते ही देखते आसपास के क्षेत्रों तक पहुंच गईं। उपद्रवियों ने दर्जनों दुकानों, निजी संपत्तियों और वाहनों में आग लगा दी।
स्थिति को काबू में करने के लिए प्रशासन ने निम्नलिखित कदम उठाए हैं:
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कर्फ्यू प्रभावित क्षेत्र: इनरवा, जनकपुर, सिरहा, गोलबाजार और लहान सहित कई संवेदनशील शहरों में पूर्ण कर्फ्यू लागू कर दिया गया है।
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सैन्य तैनाती: नेपाली सेना ने सड़कों पर फ्लैग मार्च निकाला और संवेदनशील बस्तियों में हेलिकॉप्टर के जरिए हवाई निगरानी की जा रही है।
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डिजिटल निगरानी: अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए इंटरनेट सेवाओं और सोशल मीडिया गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने जताई गहरी चिंता
नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने देश के मौजूदा हालात पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सुनसरी और अन्य प्रभावित जिलों के नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की।
राष्ट्रपति पौडेल ने अपने संदेश में कहा कि नेपाल सदियों से सामाजिक, धार्मिक और जातीय सहिष्णुता के लिए जाना जाता है। आपसी भाईचारे और मेल-मिलाप को हर हाल में बनाए रखना देश के हित में है। उन्होंने सभी वर्गों से संयम बरतने का आग्रह किया।
विपक्ष के निशाने पर सरकार, उच्चस्तरीय बैठकें जारी
उधर, देश में बिगड़ी कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर ढिलाई बरतने का आरोप लगाया है। विपक्ष का कहना है कि यदि प्रशासन ने शुरुआत में ही सख्त कदम उठाए होते, तो हिंसा को अन्य जिलों में फैलने से रोका जा सकता था।
दूसरी ओर, नेपाल सरकार की ओर से सुरक्षा समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठकें की जा रही हैं। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हिंसा और आगजनी में शामिल उपद्रवियों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







