Singrauli Civic Issues: सिंगरौली (मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में देवसर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत ढेंकी में मानसून की पहली तेज बारिश ने ही स्थानीय प्रशासनिक दावों और विकास कार्यों की हकीकत उजागर कर दी है। गांव की मुख्य सड़क पूरी तरह जर्जर होकर जलमग्न हो गई है, जिससे पूरा मार्ग किसी तालाब जैसा नजर आ रहा है। सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढों में पानी भर जाने से ग्रामीणों, राहगीरों और स्कूली बच्चों की दैनिक आवाजाही बेहद जोखिमभरी हो गई है।
क्षेत्रीय निवासियों का कहना है कि सड़क और जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण मानसून की शुरुआत के साथ ही पूरा इलाका टापू में तब्दील हो जाता है।
सड़क पर बने गहरे गड्ढे बने हादसों का कारण
बारिश के बाद ढेंकी गांव की मुख्य सड़क पर इस कदर जलभराव हो चुका है कि यह पहचानना भी मुश्किल हो गया है कि सड़क कहां है और गड्ढे कहां। पानी भरे होने के कारण वाहन चालकों, विशेष रूप से दोपहिया चालकों को गड्ढों की गहराई का सही अंदाजा नहीं हो पाता, जिससे हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
इसके अलावा पैदल चलने वाले लोगों और रोजाना स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों को गंदे पानी और गहरे कीचड़ से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे संक्रमण और हादसों का खतरा दो गुना हो गया है।
नाली और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था का अभाव
स्थानीय निवासियों का कहना है कि ढेंकी गांव में यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि सालों से ऐसी ही स्थिति बनी हुई है। गांव में नाली का निर्माण न होने और जल निकासी का कोई स्थायी इंतजाम न किए जाने के कारण हर साल बारिश का पानी सड़कों पर ही जमा हो जाता है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क की मरम्मत और जल निकासी को लेकर कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित विभागीय अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे गए व शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन हर बार केवल खोखले आश्वासन ही दिए गए। जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे ग्रामीणों में गहरा असंतोष व्यापत है।
‘सुविधाएं नहीं मिलीं तो करेंगे चुनाव का बहिष्कार’
गांव में लगातार बनी उपेक्षा की स्थिति पर अपना गुस्सा व्यक्त करते हुए स्थानीय निवासी रमेश शुक्ला ने बताया कि ढेंकी गांव के लोगों ने हर चुनाव में विकास की उम्मीद के साथ शासन-प्रशासन और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का समर्थन किया। विधानसभा और लोकसभा दोनों ही चुनावों में इस गांव से भरपूर मतदान हुआ, लेकिन इसके बावजूद आज भी ग्रामीण सड़क, नाली और स्वच्छ पेयजल जैसी अति-आवश्यक सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।
ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों द्वारा जल्द ही गांव की बुनियादी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो समस्त ग्रामवासी आने वाले आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों में मतदान का पूर्ण बहिष्कार करने पर विचार करने के लिए मजबूर होंगे।







